उत्तर प्रदेश में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों पर योगी सरकार की माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी ने जोरदार पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि एक प्रिंसिपल रहने के नाते उन्हें पता है कि 2017 से पहले प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था की क्या हालत थी और उसके बाद योगी सरकार में इस क्षेत्र में कितना काम हुआ है.
गुलाब देवी ने कहा, “मैं खुद प्रिंसिपल रही हूं. मैंने अपनी आंखों से देखा है कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में परीक्षाओं का क्या हाल था. अखिलेश यादव विदेश में पढ़े हैं, लेकिन उन्हें भी पता होना चाहिए कि उस समय प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था किस दौर से गुजर रही थी. नकल ठेके पर कराई जाती थी, पेपर लीक होना आम बात थी. परीक्षाएं पूरी कराने में दो-दो और तीन-तीन महीने लग जाते थे, जबकि रिजल्ट आने में भी महीनों लग जाते थे.”
उन्होंने कहा कि उस समय सिर्फ परीक्षा व्यवस्था ही नहीं, स्कूलों का माहौल भी खराब था. छात्राएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करती थीं. स्कूलों के बाहर असामाजिक तत्व खड़े होकर फब्तियां कसते थे, जिसके कारण हजारों बच्चियों को बीच में ही पढ़ाई छोड़नी पड़ी. उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार आने के बाद यह तस्वीर पूरी तरह बदल गई है.
राज्य मंत्री ने कहा कि अब प्रदेश में परीक्षाएं तय समय पर कराई जा रही हैं और 54 लाख से अधिक परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन भी रिकॉर्ड समय में पूरा कर परिणाम घोषित किए जा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर पर समयबद्ध तरीके से परीक्षा और रिजल्ट कराना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है. आज प्रदेश की बेटियां बोर्ड परीक्षाओं में टॉप कर रही हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं.
‘प्राइवेट से भी बेहतर हैं सरकारी स्कूल’
गुलाब देवी ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि प्रदेश में इस समय 29,216 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 2,460 राजकीय विद्यालय हैं. योगी सरकार ने 41 नए राजकीय इंटर कॉलेज खोले हैं और 280 नए विद्यालय शुरू किए हैं. शिक्षा को आधुनिक बनाने के लिए 778 आईसीटी लैब और 1,236 स्मार्ट क्लास तैयार की गई हैं.
गुलाब देवी ने बताया कि लखनऊ के अलावा अब गोरखपुर में भी सैनिक स्कूल संचालित हो रहा है. ‘प्रवीण योजना’ के तहत 990 राजकीय विद्यालयों में कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का पाठ्यक्रम भी शामिल है. वहीं ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ के तहत 2,383 राजकीय और 590 सहायता प्राप्त विद्यालयों में लैब, पुस्तकालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास किया गया है.
उन्होंने कहा कि आज सरकारी स्कूल सुविधाओं के मामले में निजी स्कूलों को टक्कर दे रहे हैं. स्कूलों में शौचालय, खेलकूद, डिजिटल शिक्षा और बेहतर संसाधनों की व्यवस्था की गई है. प्रदेश के 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में 87 हजार से अधिक छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रही हैं.
सरकार रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना और मिशन शक्ति अभियान के जरिए छात्राओं को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने का काम कर रही है. साथ ही हर मंडल में एक विश्वविद्यालय स्थापित करने के लक्ष्य पर भी तेजी से काम चल रहा है.
उन्होंने कहा कि योगी सरकार के नौ वर्षों का कार्यकाल विकास, पारदर्शिता और शिक्षा सुधार के लिए जाना जाएगा. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को गलत आंकड़े और अधूरी जानकारी देकर भ्रमित किया जा रहा है, इसलिए वे शिक्षा व्यवस्था पर तथ्यहीन आरोप लगा रहे हैं.
राम मंदिर चंदा मामले पर भी दिया जवाब
अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा गबन के मामले पर गुलाब देवी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे मामले में बेहद सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि कानून निष्पक्ष तरीके से अपना काम कर रहा है. अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई की जाएगी. जो भी चंदे के दुरुपयोग में शामिल होगा, उससे पूरी राशि की वसूली की जाएगी. उन्होंने कहा कि व्यवस्था आरोपों से नहीं, बल्कि कानून के अनुसार चलती है.
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‘ऐसे लोगों को जीवित रखना भी अपराध’
फर्जी एनकाउंटर के आरोपों पर पूछे गए सवाल के जवाब में गुलाब देवी ने कहा कि इसका फैसला जनता करेगी कि कार्रवाई सही है या गलत. उन्होंने कहा कि जिन अपराधियों पर कई-कई मुकदमे दर्ज हों और जिन्होंने समाज में आतंक का माहौल बनाया हो, उनके प्रति सहानुभूति नहीं दिखाई जा सकती. उन्होंने कहा, ‘मैं तो समझती हूं कि ऐसे लोगों को जीवित रखना भी अपराध है.’
उन्होंने कहा कि योगी सरकार का संदेश साफ है. चाहे भूमाफिया हो, खनन माफिया, नकल माफिया या कोई अन्य अपराधी, या तो वह सुधर जाएगा या फिर कानून उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा.