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Kashi Vishwanath Temple: सावन के महीने में नाथो के नाथ बाबा विश्वनाथ के दर्शन को लाखों भक्त आते है. इस साल सावन के पवित्र महीने की शुरुआत 30 जुलाई से हो रही है. सावन महीने की शुरुआत से पहले ही काशी विश्वनाथ धाम में उनके भक्तों के आगमन के साथ सुगम दर्शन के लिए तमाम इंतजाम किए जा रहें है. लगातार अफसर व्यवस्थाओं पर मंथन कर रहें है.
इस बार सावन महीने में कुल 4 सोमवार पड़ रहे है. हर सोमवार को बाबा विश्वनाथ का अलग स्वरूप भक्तों के सामने होगा. मंदिर न्यास ने इसका पूरा खाका तैयार कर लिया है. मंदिर न्यास के सीईओ विश्वभूषण मिश्रा ने बताया कि सावन के सोमवार के अलावा अंतिम दिन यानी सावन पूर्णिमा पर भी उनके विशेष स्वरूप के दर्शन होंगे. सालो से चली आ रही परम्परा के अनुसार ही मंदिर में अर्चक उनका श्रृंगार करेंगे.

सावन के पहले सोमवार को बाबा विश्वनाथ श्री शंकर स्वरूप में नजर आएंगे. गर्भगृह में अस्थायी प्रतिमा स्थापित होगी और उसका फूलों से विशेष श्रृंगार किया जाएगा. यह स्वरूप बाबा का बेहद ही अद्भुत होगा. सप्तऋषि आरती के बाद बाबा के इस स्वरूप के दर्शन होंगे. पूरे साल भक्तों को बाबा के इन स्वरूप के दर्शन का इंतजार रहता है.

वहीं सावन के दूसरे सोमवार यानी 10 अगस्त को बाबा विश्वनाथ का गौरी शंकर स्वरूप नजर आएगा. इस श्रृंगार के दौरान शिव और पार्वती के दर्शन भक्तों को एक साथ होंगे. वैसे तो काशी विश्वनाथ में माता पार्वती और भगवान शिव दोनों ही विराजमान है. लेकिन गौरी शंकर स्वरूप में बाबा का दर्शन पूरे साल में सिर्फ एक बार ही भक्तों को मिलता है.
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इसके अलावा सावन के तीसरे सोमवार को बाबा विश्वनाथ आधे नर और आधे नारी यानी अर्धनारीश्वर स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे. बाबा विश्वनाथ के इस स्वरूप का दर्शन बेहद ही दुर्लभ होता है. 17 अगस्त को बाबा का ये अद्भुत श्रृंगार होगा. इसकी तैयारी मंदिर में शुरू हो चुकी है.

सावन के चौथे सोमवार पर भगवान का रुद्राक्ष श्रृंगार किया जाएगा. वहीं रुद्राक्ष जो भगवान शिव को अतिप्रिय है. इस दिन 5 लाख रुद्राक्ष के दानों से बाबा विश्वनाथ का अद्भुत श्रृंगार होगा. इसके लिए विशेष आर्डर पर रुद्राक्ष को मंगाया गया है. बाबा विश्वनाथ पर चढ़ा ये रुद्राक्ष भक्तों को प्रसाद स्वरूप वितरित किया जाएगा.

वहीं सावन महीने के आखरी दिन यानी सावन पूर्णिमा पर बाबा विश्वनाथ का झूला श्रृंगार होगा. इस दिन बाबा अपने परिवार के साथ झूले पर बैठ भक्तों को दर्शन देंगे. पूरे साल में सिर्फ एक बार ही बाबा के इस स्वरूप का दर्शन भक्त कर पातें है.

बता दें कि पूरे सावन महीने में करीब 60 लाख से ज्यादा श्रद्धालु काशी विश्वनाथ धाम आ सकतें है. सावन के सोमवार पर 4 से 6 लाख भक्त बाबा के दर्शन को आ सकतें है. वहीं हर दिन करीब डेढ़ से 2 लाख भक्त हर दिन सावन में बाबा के दर्शन को आ सकतें है. इसी लिहाज से मंदिर न्यास ने तैयारियां की है.

मंदिर न्यास की ओर से मिले जानकारी के अनुसार, पूरे सावन महीने में शिवभक्तों को काशी विश्वनाथ मंदिर में 7 प्रवेश द्वार से एंट्री मिलेगी. इसके अलावा भक्तों के लिए धाम में ही चिकित्सीय सुविधाओं का इंतजाम है. इतना ही नहीं इसके अलावा पेयजल सहित दूसरी अन्य सुविधाएं भी भक्तों को पूरे धाम में दी जाएगी.