राधा स्वामी क्लॉथ स्टोर के सामने की स्थित दुकान में काम करने वाली खुशी ने बताया कि वह दुकान पर थीं। बारिश के कारण ग्राहक नहीं थे, सभी बैठे हुए थे। उनके सामने पहले अनीता अपनी डेढ़ वर्षीय बेटी के साथ दुकान के अंदर आईं। पीछे से उनकी मां भी आ गईं। वह कपड़े देख ही रहे थे कि तेज धमाके के साथ दुकान भरभरा कर ढह गई। जब तक कोई कुछ समझता दुकान के लोग भी नाले में जा चुके थे। दुकान में दो शटर थे।
करीब 30 सेकंड तक कोई कुछ समझ नहीं पाया। इसके बाद नाले में गिरे लोगों की चीखें सुनकर लोग दुकान की ओर भागे। लोगों को डर लग रहा था कि कहीं आसपास की सड़क भी नहीं धंस जाए। कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाई और घायलों को बाहर निकाला। पास ही छोले-भटूरे की दुकान पर काम करने वाले भरत ने बताया कि हादसे के बाद सबसे पहले उन्होंने गैस बंद कर कढ़ाही हटाई। इसके बाद भागकर पहुंचे तो तुलाराम कराहते दिखे। लोगों की मदद से उन्हें बाहर निकाला। इसके बाद महिला और उसकी बच्ची को निकाला गया।
छतों पर लगी भीड़
हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। मार्केट की छतों पर कर्मचारी और अन्य लोग काफी संख्या में एकत्रित होने लगे। बाजार की अधिकतर इमारतें पुरानी बनी हुई हैं। ऐसे में पुलिस को डर था कि कहीं और किसी जगह भी हादसा नहीं हो जाए। इसलिए दुकानदारों को समझाकर सभी को छतों से नीचे उतारा गया।



