उत्तर प्रदेश के महोबा में चरखारी से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत बुधवार रात एक भीषण सड़क हादसे में बाल-बाल बचे. एक अनियंत्रित डंपर ने उनकी कार को टक्कर मारने की कोशिश की, लेकिन ड्राइवर की सूझबूझ से विधायक सुरक्षित रहे. हालांकि, डंपर ने पीछे चल रहे एस्कॉर्ट वाहन को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे गनर और ड्राइवर समेत तीन सुरक्षाकर्मी घायल हो गए.
विधायक के पिता ने इसे हत्या की साजिश बताते हुए एसआईटी जांच की मांग की है. उधर पुलिस ने ड्राईवर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. फिलहाल यह मामला यूपी की सियासत में गर्मा सकता है.
शादी समारोह से लौट रहे थे
जानकारी के मुताबिक, महोबा के खरेला थाना क्षेत्र में बुधवार रात करीब साढ़े बारह बजे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत का काफिला एक भीषण हादसे का शिकार हो गया. विधायक हमीरपुर से एक शादी समारोह से लौट रहे थे, तभी संकट मोचन मंदिर के पास सामने से आ रहे एक केला लदे डंपर ने उनकी कार को निशाना बनाया. ड्राइवर की सूझबूझ से विधायक की गाड़ी तो खंती में उतर गई और वे सुरक्षित रहे, लेकिन बेकाबू डंपर ने पीछे आ रही एस्कॉर्ट स्कॉर्पियो को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि गाड़ी का अगला हिस्सा चकनाचूर हो गया.
हादसे में विधायक के गनर और ड्राइवर समेत तीन सुरक्षाकर्मी घायल हो गए. भाग रहे महाराष्ट्र नंबर के डंपर और चालक को स्थानीय लोगों ने दबोच लिया. इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है. विधायक और उनके पिता पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने इसे महज एक हादसा मानने से साफ इनकार कर दिया है.
पिता ने बताया साजिश
पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि उनके बेटे पर हमले की यह सोची-समझी साजिश है.उन्होंने कहा कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि पूरी तरह हत्या की साजिश है. हम दो महीने से मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और डीजीपी को पत्र लिखकर अपनी जान का खतरा बता रहे थे. आईबी और एलआईयू की रिपोर्ट में भी खतरे की बात कही गई है. जिन विधायकों को कोई खतरा नहीं है, उन्हें वाई और जेड श्रेणी की सुरक्षा दी गई है, लेकिन जनहित और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाले मेरे बेटे को सुरक्षा नहीं मिली. अब अगर मेरे परिवार को कुछ भी होता है, तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी.
बृजभूषण ने धमकियां मिलने की बात कही
खुद विधायक बृजभूषण ने बताया कि जल शक्ति विभाग के भ्रष्ट ठेकेदारों के खिलाफ आवाज उठाने के बाद से उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं. चौंकाने वाली बात यह है कि आमतौर पर काफिले में आगे रहने वाली एस्कॉर्ट गाड़ी को विधायक ने कल रात ही अचानक पीछे करवाया था. विधायक का अंदेशा है कि डंपर ने उनकी कार समझकर ही दूसरी गाड़ी को रौंदा.
फिलहाल, पुलिस आरोपी ड्राइवर को हिरासत में लेकर इस हाई-प्रोफाइल मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही है.
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