उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में कुंदरकी से पूर्व सपा विधायक हाजी रिजवान, उनके बेटे हाजी जुबैर, पत्नी शमा परवीन और सपा नेता आजम खां के करीबी यूसुफ मलिक के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है. यह केस एक ग्रामीण की शिकायत पर दर्ज किया गया.
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने स्कूल की जमीन और साढ़े तीन बीघा भूमि मुझे बेची थी, और शिकायतकर्ता से करीब 1.27 करोड़ रुपए भी ले लिए, रुपए लेने के बाद भी जमीन का बैनामा नहीं किया. आरोपियों ने उसी जमीन को किसी अन्य महिला के नाम बेच दिया.
शासन की फर्जी रसीद दे दी
शिकायतकर्ता के मुताबिक लैंड यूज चेंज कराने के नाम पर 10 लाख रुपए लेकर उसे शासन के नाम की फर्जी रसीद दे दी, शिकायत के बाद एसएसपी के निर्देश पर कुंदरकी पुलिस ने पूर्व विधायक समेत चारों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मैनाठेर थाना क्षेत्र के मलकपुर फतेहपुर के रहने वाले अब्दुल मुस्तफा ने कुंदरकी थाने में ये शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा से जुड़े कुछ भू-माफियाओं ने धोखाधड़ी कर पैसे हड़प लिए.
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तहरीर के अनुसार, पूर्व सपा विधायक हाजी रिजवान, उनके बेटे हाजी जुबैर, पत्नी शमा परवीन और मुरादाबाद की जिगर कॉलोनी के रहने वाले यूसुफ मलिक ने स्कूल की जमीन का सौदा किया, लेकिन, रुपए लेने के बाद भी जमीन का बैनामा नहीं कराया, फिर बाद में वही जमीन किसी दूसरी महिला को बेच दी.
अब्दुल मुस्तफा ने बताया कि आरोपियों ने मुझसे स्कूल की जमीन का लैंडयूज चेंज कराने के नाम पर 10 लाख रुपए लिए, बदले में एक फर्जी रसीद उत्तर प्रदेश भू-उपयोग विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ के नाम से बनाकर दे दी.
उन्होंने बताया कि 6 लाख 11 हजार 390.65 रुपए खर्च हुए हैं. बाकी रुपए के बारे में पूछने पर आरोपियों ने कह दिया कि रिश्वत में चले गए. पीड़ित अब्दुल मुस्तफा का कहना है कि मैंने आरोपियों पर भरोसा करके जमीन का सौदा 4.80 करोड़ रुपए में कर लिया. बतौर बयाना 25 लाख रुपए ऑनलाइन और बाकी रुपए कैश में दे दिए. जिसका इकरारनामा, स्वीकृति रसीद 8 जनवरी 2024 और नोटरी 27 अगस्त 2024 को जुबैर की पत्नी शमां परवीन ने अपने हस्ताक्षर के साथ की थी.
न रजिस्ट्री और लैंड यूज चेंज हुआ
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इसके बाद उन्होंने विभिन्न माध्यमों से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और कैश के जरिए पूर्व विधायक हाजी रिजवान व अन्य आरोपियों को कुल 1 करोड़ 27 लाख 86 हजार रुपए दिए. इसके बाद भी न तो जमीन की रजिस्ट्री कराई गई और न ही लैंडयूज चेंज कराया गया.
जब पीड़ित पक्ष ने सख्ती से इसका तकादा शुरू किया तो आरोपियों ने उत्तर प्रदेश शासन की एक रसीद थमा दी, जो जांच में फर्जी निकली. पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्होंने इसकी शिकायत थाने पर की, लेकिन आरोपियों के सियासी रसूख की वजह से उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई. वहीं, पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उसने 21 दिसंबर 2023 को सपा नेता यूसुफ मलिक से साढ़े तीन बीघा जमीन का सौदा किया था.
एसएसपी ने दिए कार्रवाई के आदेश
यह जमीन मुरादाबाद में डिलारी थाने के गांव बढ़ेरा के रकबे में है.जमीन विवेकानंद मार्ग पर स्थित है. जमीन का सौदा 52 लाख 50 हजार रुपए में हुआ था. यूसुफ मलिक 33 लाख 36 हजार रुपए ले चुका है. इसके बाद भी जमीन की रजिस्ट्री नहीं करा रहा है. मुरादाबाद के एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया की पीड़ित की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किआ गया है मामले की विवेचना कर तथ्यों के आधार पर अग्रिम क़ानूनी कार्यवाही की जाएगी.