उत्तर प्रदेश के लखनऊ में सोमवार (22 जून ) को हुए अग्निकांड के बाद पीलीभीत प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है. शहर में बिना रजिस्ट्रेशन और बिना सुरक्षा मानकों के धड़ल्ले से चल रहे कोचिंग और कंप्यूटर सेंटरों पर प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है.
सिटी मजिस्ट्रेट ने फायर ब्रिगेड की टीम के साथ मिलकर शहर के कई सेंटरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की. इस दौरान नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले एक दर्जन से ज्यादा सेंटरों को नोटिस जारी किया गया है. वहीं, मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) अनुराग सिंह ने जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को चिट्ठी लिखकर जिले में अवैध रूप से चल रहे सभी आईलेट्स (IELTS), कोचिंग और कंप्यूटर सेंटरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
सेंटरों में फायर सेफ्टी के इंतजाम नदारद
टीम ने जब शहर के कंप्यूटर इंस्टीट्यूट्स और कोचिंग सेंटरों पर अचानक छापा मारा, तो वहां का नजारा बेहद डरावना था. कई सेंटरों और लाइब्रेरियों में सैकड़ों छात्र मौजूद थे, लेकिन आग से बचने के लिए फायर सेफ्टी का कोई इंतजाम नहीं था. हद तो तब हो गई जब पाया गया कि कई बड़ी लाइब्रेरियों में आने-जाने के लिए सिर्फ एक ही दरवाजा था, जिससे कोई हादसा होने पर भगदड़ मच सकती थी.
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सुरक्षा में इतनी बड़ी लापरवाही देखकर सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्द्धन तोमर ने मौके पर ही एक दर्जन से ज्यादा अवैध सेंटरों को नोटिस थमा दिया. प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि सभी सेंटर संचालक तुरंत अपना रजिस्ट्रेशन कराएं और सेंटरों पर आग बुझाने के उपकरण (फायर सेफ्टी सिस्टम) दुरुस्त करें.
बिना मानकों के सैकड़ों कोचिंग सेंटर चल रहे
आपको बता दें कि पीलीभीत में ऐसे सैकड़ों कोचिंग और कंप्यूटर सेंटर हैं जो बिना किसी रजिस्ट्रेशन के अवैध रूप से चल रहे हैं. प्रशासन की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से जिले के कोचिंग संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है. अधिकारियों ने बताया कि ये कार्रवाई जारी रहेगी.