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Ayodhya News: लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग संस्थान में लगे भीषण आग ने 15 जिंदगियां ले ली. इस घटना ने पूरे प्रदेश में चल रहे कोचिंग संस्थानों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. वहीं राम नगरी अयोध्या में भी कोचिंग संस्थानों की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है.
अयोध्या: लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड की दुखद घटना के बाद अयोध्या प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिले के सभी पंजीकृत कोचिंग संस्थानों की व्यापक जांच शुरू कर दी गई है. फायर विभाग की टीमें लगातार कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण कर रही हैं और वहां मौजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं. प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि छात्रों की जान से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
अयोध्या जनपद में फिलहाल कुल 36 कोचिंग संस्थान पंजीकृत हैं, लेकिन इसके अलावा सैकड़ों की संख्या में ऐसे कोचिंग सेंटर भी संचालित हो रहे हैं, जो पंजीकरण व्यवस्था से बाहर हैं. ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती सिर्फ पंजीकृत संस्थानों की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि उन गैर-पंजीकृत कोचिंग सेंटरों की पहचान और निगरानी भी एक बड़ा मुद्दा बनकर सामने आई है. फिलहाल फायर विभाग ने पहले चरण में पंजीकृत कोचिंग संस्थानों की जांच का अभियान शुरू किया है.
जांच के लिए दो विशेष टीमों का गठन
मुख्य अग्निशमन अधिकारी महेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में इस अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है. जांच के लिए फायर विभाग की दो विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण कर रही हैं. अब तक 6 कोचिंग संस्थानों की जांच की जा चुकी है. कुछ कोचिंग सेंटर निरीक्षण के दौरान बंद मिले, जिनकी जांच आने वाले दिनों में की जाएगी. विभाग का कहना है कि अभियान लगातार जारी रहेगा और शेष संस्थानों की भी चरणबद्ध तरीके से जांच पूरी की जाएगी.
इन कमियों को लेकर होगी कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान अधिकांश कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था सामान्य और संतोषजनक पाई गई है हालांकि कुछ स्थानों पर छोटी-मोटी कमियां जरूर सामने आई हैं. इनमें अग्निशामक यंत्रों की स्थिति, आपातकालीन निकास व्यवस्था, अलार्म सिस्टम या सुरक्षा संकेतकों से जुड़ी खामियां शामिल हैं. ऐसे संस्थानों के संचालकों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों ने साफ किया है कि जहां मामूली कमियां हैं, उन्हें समय रहते ठीक कराया जाएगा, लेकिन यदि किसी संस्थान में गंभीर लापरवाही या सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी पाई गई, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.