लखनऊ में गुरुवार को भाकपा (माले), आइसा और इंकलाबी नौजवान सभा (इनौस) के कार्यकर्ताओं ने शहीद स्मारक पर सांकेतिक भूख हड़ताल की। यह हड़ताल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर किया गया। प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में आयोजित किया गया था, जिसमें जन संस्कृति मंच के कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने और विभिन्न भर्ती व प्रवेश परीक्षाओं में कथित घोटालों तथा भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार बढ़ रही अनियमितताओं के लिए सरकार को जवाबदेही तय करनी होगी। शिक्षा मंत्री से इस्तीफा देने की मांग इस दौरान आयोजित सभा को भाकपा (माले) के जिला प्रभारी रमेश सिंह सेंगर, जन संस्कृति मंच के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष कौशल किशोर, इनौस के जिला संयोजक राजीव गुप्ता, एपवा की सरोजिनी बिष्ट और कमला गौतम, आइसा के उपाध्यक्ष समर, एक्टू के जिला संयोजक मधुसूदन मगन, नागरिक परिषद के के.के. शुक्ल तथा जसम के सुचित माथुर सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। रमेश सिंह सेंगर ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था में गंभीर विफलताएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक प्रकरण के बाद छात्रों की आत्महत्या की घटनाएं इस व्यवस्था की विफलता को दर्शाती हैं। सेंगर ने शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। देश का युवा वर्ग में बेरोजगारी से असंतोष जन संस्कृति मंच के प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर ने कहा कि सरकार की नीतियों से शिक्षा, रोजगार, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने जोर दिया कि देश का युवा वर्ग बेरोजगारी और व्यवस्था से असंतोष के कारण सड़कों पर उतरने को मजबूर है। इनौस के जिला संयोजक राजीव गुप्ता ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों से युवाओं का भरोसा टूट रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही तय होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा। एपवा की जिला संयोजक सरोजिनी बिष्ट ने कहा कि सरकार जन आंदोलनों को दबाने का प्रयास कर रही है।
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लखनऊ में शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे की मांग:नीट पेपर लीक मामले पर छात्र संगठनों का प्रदर्शन