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Ram Mandir donation theft case : अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित दान राशि चोरी मामले को लेकर अधिवक्ताओं का विरोध तेज हो गया है. जिला प्रशासन के आश्वासन के बाद वकीलों ने अपना ज्ञापन थाना प्रभारी राम जन्मभूमि को सौंपा. इससे पहले थाना राम जन्मभूमि प्रभारी ने सिविल लाइन चौकी पर वकीलों से शिकायती पत्र लिया. इसके बाद 5 वकीलों का प्रतिनिधिमंडल थाना राम जन्मभूमि पहुंचा, जहां एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया. वकीलों ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा और विशेष सदस्य गोपाल राव पर भी मुकदमा दर्ज करने की मांग की है. उनका आरोप है कि मामले के जिम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है. पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर ली है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है.
अयोध्या : राम मंदिर दान मामले को लेकर अयोध्या में वकीलों का विरोध प्रदर्शन उस समय उग्र हो गया, जब सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता कचहरी परिसर से जुलूस निकालकर राम पथ की ओर बढ़े. इस दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी वकीलों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी. कुछ जगहों पर पुलिस और वकीलों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई. प्रदर्शन कर रहे वकील थाना राम जन्मभूमि पहुंचकर राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग कर रहे थे. इस पूरे मामले में आखिर हुआ क्या, चलिए जानते हैं..
वकील और पुलिस बल में गहमागहमी के बीच लॉयर्स का एक 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल थाना राम जन्मभूमि पहुंचा और संबंधित ट्रस्ट पदाधिकारियों के खिलाफ तहरीर सौंपी. वकील शैलेन्द्र कुमार जायसवाल की तरफ से तहरीर दी गई. वह फैजाबाद बार एसोसिएशन के महामंत्री हैं. थाना रामपुर प्रभारी ने सिविल लाइन चौकी पर ही अधिवक्ताओं से उनका शिकायती पत्र ले लिया. पुलिस ने तहरीर लेते हुए उसकी जनरल डायरी दर्ज करते हुए वकीलों को रिसीविंग दे दी. थानों में शिकायत प्राप्त होने के बाद वादी को रिसीविंग देने की यह नियमित प्रक्रिया है. इसके बाद प्रदर्शनकारी वकीलों ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की.
आंदोलन केवल स्थगित किया है
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि ‘आंदोलन खत्म नहीं हुआ है, केवल स्थगित किया गया है.’ उन्होंने चेतावनी दी कि ‘अगर तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा.’ उनका कहना था कि ‘अधिवक्ता न्यायिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और अगर मांगों की अनदेखी हुई तो व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.’
प्रदर्शन के दौरान राम पथ पर कुछ समय के लिए ट्रैफिक भी बुरी तरह प्रभावित रहा. पुलिस ने एक्स्ट्रा बल की तैनाती करते हुए हालात को नियंत्रित कर लिया और प्रदर्शनकारियों को समझाकर शांत कराया. अधिकारियों का कहना है कि वकीलों की ओर से दी गई तहरीर को नियमानुसार जांच के लिए लिया गया है और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. अब सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस शिकायत पर क्या निर्णय लेती है. दूसरी ओर बार एसोसिएशन ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा.
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I currently serve as a Senior Assistant Editor at News18 Hindi, leading State & Local18 operations across Uttar Pradesh, Uttarakhand, Delhi, Himachal Pradesh and Haryana. With over 17 years of experience in jou…और पढ़ें