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UP Politics : कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने दिल्ली में दो बेहद महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी है. अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में हुए कथित घोटाले पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताते हुए इसे ‘भगवान राम की संपत्ति’ बताया और कहा कि इससे बड़ी त्रासदी कोई नहीं हो सकती. उन्होंने सरकार से घोटालेबाजों के खिलाफ ऐसी मिसाल कायम करने वाली सख्त कार्रवाई की मांग की है. दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश की राजनीति का जिक्र करते हुए खुर्शीद ने समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच मजबूत जमीनी गठबंधन की वकालत की, जिससे सूबे की सियासी तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है.
सलमान खुर्शीद कांग्रेस के बड़े नेताओं में गिने जाते हैं.
लखनऊ. देश की सियासत में उत्तर प्रदेश को लेकर चल रही हलचलों के बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने दो बेहद संवेदनशील और बड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी है. दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने जहां एक तरफ अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे (दान) में हुई कथित हेराफेरी और घोटाले को लेकर केंद्र व राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया, दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच गठबंधन की भविष्य की संभावनाओं पर बड़ा बयान दिया है. कथित राम मंदिर दान घोटाले पर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त करते हुए सलमान खुर्शीद ने इसे देश की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक बताया.
उन्होंने कहा, “देश या राज्य में पहले भले ही इस बात को लेकर वैचारिक मतभेद रहे हों कि क्या सही था और क्या गलत, लेकिन आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने इस पर एक अंतिम फैसला दिया, जिसका मैंने हमेशा समर्थन किया है. मैंने तो इस विषय पर एक पूरी किताब भी लिखी है, जिसमें साफ कहा है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा निकाला गया यह सबसे बेहतर और मुमकिन समाधान था. अब मंदिर की स्थापना हो चुकी है, लोग वहां दिल खोलकर पैसा दान कर रहे हैं. अब सवाल यह है कि यह पैसा किसकी संपत्ति है? यह साक्षात भगवान राम की संपत्ति है.”
सलमान खुर्शीद ने सरकार को घेरते हुए आगे कहा कि अगर मौजूदा सरकार के मन में भगवान राम के प्रति जरा सी भी सच्ची आस्था और विश्वास है, तो उसका सबसे पहला कदम यह होना चाहिए कि इस पावन धन का गबन करने वाले और घोटाला करने वाले लोगों के खिलाफ ऐसी सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई करे जो पूरे देश के लिए एक नजीर (मिसाल) बन जाए.
‘हार-जीत की भविष्यवाणी करना अभी जल्दबाजी’
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच होने वाले राजनीतिक गठबंधन को लेकर सलमान खुर्शीद ने बेहद संतुलित लेकिन बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि राजनीति में हार-जीत की भविष्यवाणी करना अभी जल्दबाजी होगी, क्योंकि अभी जमीन पर बहुत सारा काम करना बाकी है. खुर्शीद ने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी के बीच एक बेहतर, सम्मानजनक और मजबूत गठबंधन तैयार होता है, तो उत्तर प्रदेश में बदलाव की असीम संभावनाएं जन्म लेंगी.
उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर दोनों दल पूरी प्रतिबद्धता (कम्प्लीट कमिटमेंट) के साथ एक-दूसरे की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए चुनावी मैदान में उतरते हैं, तो कांग्रेस-सपा गठबंधन के पास उत्तर प्रदेश की पूरी राजनीतिक तस्वीर को पलटने का एक बेहद शानदार और मजबूत मौका होगा. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि इसके लिए अभी गठबंधन के ताने-बाने को सही तरीके से बुनने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के लिए दोनों ही दलों को कड़ी मेहनत करनी होगी.
- कथित राम मंदिर दान घोटाले को लेकर कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने क्या सख्त टिप्पणी की है?
सलमान खुर्शीद ने कहा कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दान किया गया पैसा ‘भगवान राम की संपत्ति’ है. इसमें हेराफेरी होना देश की सबसे बड़ी त्रासदी है और यदि सरकार की भगवान राम में आस्था है, तो उसे दोषियों को ऐसी सजा देनी चाहिए जो एक मिसाल बने. - सलमान खुर्शीद ने राम मंदिर मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर क्या रुख अपनाया था?
सलमान खुर्शीद ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पूरी तरह समर्थन किया था. उन्होंने इस विषय पर एक किताब भी लिखी है, जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को इस विवाद का सबसे सर्वोत्तम और मुमकिन समाधान बताया था. - उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस के गठबंधन को लेकर सलमान खुर्शीद ने क्या संभावनाएं जताई हैं?
उन्होंने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच दोनों तरफ से पूर्ण प्रतिबद्धता और सम्मानजनक भागीदारी के साथ एक अच्छा गठबंधन बनता है, तो उत्तर प्रदेश की राजनीतिक तस्वीर को बदलने की बहुत बड़ी और बेहतरीन संभावनाएं खड़ी हो सकती हैं. - सलमान खुर्शीद के अनुसार, यूपी में चुनाव की हार-जीत की भविष्यवाणी करना अभी जल्दबाजी क्यों है?
खुर्शीद के अनुसार, हार-जीत की भविष्यवाणी करना अभी समय से पहले (Pre-mature) होगा क्योंकि गठबंधन के स्वरूप को सही तरीके से अमलीजामा पहनाने और जमीनी स्तर पर (Ground Level) दोनों पार्टियों को अभी बहुत सारा काम करना बाकी है.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें