इलाके में बच्चों के खेलने के लिए कोई मैदान नहीं है। एक साल पहले बनी सड़क की परतें उखड़ने लगी हैं। स्वच्छ भारत मिशन की स्थिति भी कमजोर नजर आ रही है। पार्कों का रखरखाव ठीक से नहीं हो रहा है। इंटरनेट और फाइबर केबलों का जाल फैला हुआ है। संत नगर और हरिहर नगर में कई गलियां कच्ची हैं। नालियां बजबजा रही हैं और सीवर ओवरफ्लो हो रहा है। ये नजारा है अयोध्या-फैजाबाद मार्ग पर, लखनऊ हाईकोर्ट की दूसरी पटरी के पास स्थित वार्ड नंबर 51 इस्माइलगंज प्रथम का। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान चला रहा है…इसकी चौथी कड़ी में आज वार्ड नंबर 51 इस्माइलगंज प्रथम का जायजा लिया। इसमें बांस मंडी, नाका तिराहा, मकबूलगंज आदि इलाके आते हैं। सबसे पहले 3 तस्वीरों में देखिए वॉर्ड की ग्राउंड रियलिटी… वार्ड की बड़ी समस्याएं धंसने के साथ उखड़ रही सड़कें. इंदिरानगर सेक्टर-9, हरिहर नगर, इंसाफ नगर और शंकर पुरी कॉलोनी में कई जगह सड़कें और नालियां धंस गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में बड़े चूहों के कारण सड़कें कमजोर हो रही हैं। किशोरीलाल चौराहे से गुप्ता जनरल स्टोर तक एक साल पहले बनी सड़क की गिट्टी उखड़ने लगी है और कई जगह सड़क की परत भी खराब हो गई है। वार्ड में गंदगी का अंबार. वार्ड के पॉश इलाकों में सफाई व्यवस्था ठीक है, लेकिन पानी गांव, इंसाफ नगर, हरिहर नगर और अहसान नगर में सड़कों पर गंदगी फैली हुई है। कई घरों में मवेशी पालने के कारण नालियां चोक हो रही हैं, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इंटरनेट केबलों का मकड़जाल. पटेल नगर, इंसाफ नगर, गायत्री नगर और अहसान नगर में इंटरनेट फाइबर केबल बिजली के खंभों पर बेतरतीब तरीके से लटके हुए हैं। लोगों का कहना है कि इससे हादसे का खतरा बना रहता है। पार्कों के रखरखाव में लापरवाही. इलाके के पार्कों में साफ-सफाई और पौधों के रखरखाव की स्थिति खराब है। स्थानीय लोगों ने पार्कों में ओपन एयर जिम लगाने की मांग की है, ताकि लोग स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकें। सीवर ओवरफ्लो और चोक नालियों से परेशानी. सुख सागर अपार्टमेंट, इंदिरानगर सेक्टर-9, पानी गांव, हरिहर नगर, नोवा सिल्वर अपार्टमेंट और सर्वेश्वरी निवास के आसपास सीवर ओवरफ्लो और नालियां चोक होने की समस्या बनी हुई है। गंदगी और बदबू से स्थानीय लोग परेशान हैं। लोग बोले- सड़कों की हालत बदहाल इंदिरानगर सेक्टर-9 निवासी लक्ष्मीकांत मिश्रा ने बताया कि वार्ड में सबसे बड़ी समस्या सड़कों की है। अधिकतर इलाकों में सड़कें धंसती जा रही हैं और नालियां बजबजा रही हैं। पार्कों में सफाई और रखरखाव की कमी सचिवालय से सेवानिवृत्त अशोक गुप्ता ने बताया कि स्थानीय पार्षद का काम सराहनीय है, हालांकि वह दूसरी पार्टी से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि कॉलोनी में साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक रहती है, लेकिन पार्कों की स्थिति बेहतर किए जाने की जरूरत है। नालियां चोक रहती हैं चूहे कुतर रहे टाटा मोटर्स में काम करने वाले अरुण बताते हैं कि घर के बाहर नाली आए दिन चोक रहती है। नालियों में उन्होंने कई जगहों पर बिल कर दिए हैं। काफी बड़े चूहे हो गए हैं। उन्होंने काफी नुकसान कर दिया है। घरों में सीलन की समस्या हो जाती है। पार्कों के रखरखाव की समस्या है। एक बार जो सामान लग जाता है। उसकी सही ढंग से केयर होनी चाहिए। डॉ पियूष कुमार त्रिवेदी विभागाध्यक्ष विधि अध्यन संकाय ख्याजा मैनुद्दीन चिस्ती विश्वविद्यालय ने बताया कि पार्कों का रखरखाव बेहतर होना चाहिए। स्थानीय पार्षद जन समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान कराते हैं। बच्चों के खेलने के लिए मैदान होने चाहिए। इसके साथ ही ओपन एयर जिम की व्यवस्था की जानी चाहिए। लोगों की सहूलियत के लिए। लोग बोले स्मार्ट मीटर नहीं है सही हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले एडवोकेट केपी वर्मा बताते हैं कि सफाई की व्यवस्था अधिकतर जगहों पर बेहतर है। लोगों से कनेक्ट बनाकर यहां के कर्मचारी और प्रतिनिधि काम करते हैं। बिजनेस मैन पंकज पांडेय बताते हैं कि व्यवस्था ज्यादातर ठीक हैं। पार्क को सही करने का होना चाहिए। बच्चों के लिए झूले की व्यवस्था की जानी चाहिए। इंटरनेट फाइबर केबलों से दुर्घटना का खतरा सुभाष चंद्र विश्वास पटेल नगर में रहते हैं। वह पटेल नगर समिति के मुख्य संरक्षक हैं। उनका कहना है कि बिजली के खंभों पर इंटरनेट फाइबर केबल कंपनियों की तरफ से तार लगा दिए गए हैं। तारों का मकड़जाल बना हुआ है। इसके साथ ही वह बताते हैं कि उनके घर के बगल से गुजर रही सड़क पर सुबह और शाम के समय में 6 से 9 बजे तक काफी ट्रैफिक रहता है। इसके कारण दुर्घटना का खतरा रहता है। उन्होंने वहां पर डिवाइडर बनाने की मांग की है। पीएनजी कनेक्शन के लिए लगे कैंप सेवानिवृत्त बैंक सेवा के अधिकारी अशोक मिश्रा पटेल नगर में रहते हैं। वह बताते हैं कि इंडियन ऑयल से पीएनजी के कनेक्शन लगवाने के लिए मैसेज आ रहे हैं,लेकिन यहां पर कोई आदमी नहीं है जो बता पाए कि कैसे कनेक्शन लेना है। कॉलोनी में पीएनजी कनेक्शन लगवाने के लिए कैंप लगवाना चाहिए। लोग कह रहे हैं कि अगर कनेक्शन लगवाया गया तो तीन महीने के अंदर अपना रसोई गैस का सिलेंडर सौंपना होगा। पाइपलाइन पड़ने के बाद भी नहीं आया एक बूंद पानी एके सिंह हरिहर नगर के रहने वाले हैं। वह असिस्टेंट लेबर कनेक्शन के पद से रिटायर्ड हैं। उनका कहना है कि कॉलोनी में जलकल विभाग की तरफ से पानी की पाइपलाइन डाला गया,लेकिन एक घर में भी पानी नहीं आया है। पीएनजी की भी लाइन नहीं है। छुट्टा जानवरों की समस्या भी बनी हुई है। कई लोग घरों में मवेशी पाल रहे हैं। इससे नालियां गंदी हो रही हैं। नगर निगम से रिक्वेस्ट है कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ताकि सड़क पर गंदगी न दिखे। पटेल नगर के रहने वाले डॉक्टर एके त्रिपाठी बताते हैं कि नाली की सफाई और पुलिया को छोड़कर कॉलोनी में कोई बड़ी समस्या नहीं है। बिजली भी यहां पर लगभग समय पर आ रही है। ऐसा कोई मेजर इश्यू नहीं है। पार्षद बोले बच्चों के लिए पार्क में बने प्लेइंग जोन स्थानीय कांग्रेस पार्षद मुकेश सिंह चौहान बताते हैं- किशोरीनाथ चौराहे से लोकनाथ तक नाला बनने की जरूरत है। जिससे जल निकासी की व्यवस्था हो सके। अहसान नगर से रघुराज नगर और पटेल नगर में नाले बनने की आवश्यकता है। सफाई कर्मचारियों के लिए पत्र दिया है। कर्मचारी बढ़ाए जाएं। इससे सफाई व्यवस्था और बेहतर हो जाएगी। बच्चों के खेलने के लिए जगह नहीं है। आवास विकास और एलडीए ने बच्चों को खेलने के लिए जगह नहीं बनाए। इससे बच्चे कहां जाएं। पार्कों में बच्चों के खेलने के लिए प्ले जोन बनाया जाए। यह मैं नगर आयुक्त से मांग करुंगा। ऐसे लोग जिनके बच्चे बड़े हो गए हैं। वह लोग बच्चों के खेलने पर आपत्ति करते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। बीच में वार्ड में कई जगहों पर चोरियां हुई थीं। लोहिया विहार में ऐसा ही मामला सामने आया था। अभी तक इसका खुलासा नहीं हुआ है। —————————– इस वार्ड को भी पढ़िए… लालकुआं वार्ड में गंदगी और अतिक्रमण से लोग परेशान : कूड़े के ढेर, सीवर और बदहाल पार्कों से बढ़ीं मुश्किलें; संकरी गलियों में आवागमन भी चुनौती सड़कों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। पुरानी कॉलोनियों के बीच पूरे क्षेत्र में संकरे रास्ते हैं। वार्ड का मुख्य इलाका लालकुआं सड़क पर अवैध पार्किंग और वाहनों के खड़े होने से अतिक्रमण की समस्या झेल रहा है। वहीं, सीवर ओवरफ्लो, गंदी नालियां और बदहाल पार्कों के कारण इलाके में दुर्गंध फैली रहती है, जिससे लोग परेशान हैं। यह हाल राजधानी लखनऊ के हजरतगंज चौराहे से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित लालकुआं वार्ड नंबर-33 का है। (पूरी खबर पढ़िए)
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पार्कोंवाले शहर लखनऊ के इस वार्ड में पार्क नहीं:सड़क बदहाल, सीवर चोक; पॉश मोहल्लों में सफाई, दूसरों में गंदगी