गोरखपुर का वार्ड-69 श्रीराम चौक (हांसूपुर) शहर की पहचान है। लेकिन इसकी पहचान अब बदहाली बन चुकी है। खास बात यह है कि यहीं सबसे बड़ी लकड़ी मंडी है। ऐतिहासिक रामलीला मैदान भी इसी वार्ड में है। लेकिन सुविधाएं नहीं हैं। मंदिर के पास शराब भट्ठी चल रही है। बारिश होते ही कई मोहल्ले पानी में डूब जाते हैं। सीवर का गंदा पानी सड़कों पर बहता है। हरिजन बस्ती में लोग गंदा और बालूयुक्त पानी पीने को मजबूर हैं। नालियां जाम हैं। सफाई व्यवस्था कमजोर है। शहर के महत्वपूर्ण वार्ड में लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा के दौरान लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आया। श्रीराम चौक (हांसूपुर) में शराब की दुकान से परेशान लोग मोहल्ले का माहौल बिगड़ने की शिकायत करते मिले तो लकड़ी मंडी के व्यापारियों ने बताया कि बारिश का नाम सुनते ही लाखों रुपए के सामान के खराब होने की चिंता सताने लगती है। वहीं हरिजन बस्ती के लोग गंदे और बालूयुक्त पानी की समस्या से परेशान हैं। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान के तहत वार्ड-69 का जायजा… वार्ड के कई इलाकों में नालियां जाम मिलीं और सड़कों पर गंदगी फैली दिखाई दी। कई जगह पुरानी सीवर लाइनें क्षतिग्रस्त हैं और ओवरफ्लो की समस्या बनी हुई है। लकड़ी मंडी क्षेत्र में जलभराव का खतरा आज भी व्यापारियों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। पहले ये नजारा देखिए… ऐतिहासिक मंदिर की गली में शराब की दुकान श्रीराम चौक (हांसूपुर) में स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर के पास संचालित देशी शराब की दुकान स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि सुबह से देर रात तक यहां शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। लोगों का कहना है कि शराब खरीदने के बाद लोग आसपास बैठकर सेवन करते हैं और गंदगी फैलाते हैं। महिलाओं और बच्चों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। कई परिवारों ने तो मोहल्ला छोड़ने तक की बात कही। लकड़ी मंडी में बारिश का डर, लाखों का सामान होता खराब राजघाट स्थित लकड़ी मंडी पूरे शहर की पहचान है, लेकिन यहां के व्यापारियों को बारिश का डर सताता है। व्यापारियों का कहना है कि पहले थोड़ी बारिश में ही घुटनों तक पानी भर जाता था और लाखों रुपए का सामान खराब हो जाता था। हालांकि हाल ही में लगाए गए पंपिंग सेट से कुछ राहत मिली है, लेकिन स्थायी समाधान अभी भी नहीं हो सका है। वार्ड की बड़ी समस्याएं जलभराव और निकासी की समस्या: बारिश होते ही कई मोहल्लों में पानी भर जाता है। निचले इलाकों में लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। सीवेज व्यवस्था जर्जर: पुरानी सीवर लाइनें जगह-जगह क्षतिग्रस्त हैं। कई इलाकों में सीवेज ओवरफ्लो की शिकायत है। शराब की दुकान से परेशानी: शीतला माता मंदिर के पास संचालित शराब की दुकान के कारण मोहल्ले का माहौल खराब हो रहा है। गंदा और बालूयुक्त पानी: हरिजन बस्ती में सप्लाई के पानी में बालू और गंदगी आने की शिकायतें हैं। सफाई व्यवस्था कमजोर: नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी और दुर्गंध की समस्या बनी रहती है। लोग बोले- शराबियों ने जीना मुहाल कर दिया प्रदीप चंद गुप्ता ने कहा कि शाम होते ही शराबियों की लाइन लग जाती है। महिलाएं घरों से निकलने में डरती हैं। इरफान उल्लाह खान ने कहा कि पहले की तुलना में स्थिति बेहतर हुई है, लेकिन स्थायी समाधान अभी भी जरूरी है। हरिजन बस्ती में गंदा और बालू वाला पानी श्रीराम चौक (हांसूपुर) की हरिजन बस्ती में नगर निगम की पेयजल आपूर्ति लोगों के लिए नई मुसीबत बन गई है। लोगों का कहना है कि सप्लाई वाले पानी में बालू और गंदगी आती है। मजबूरी में कई परिवार पानी खरीदकर पी रहे हैं या फिर हैंडपंप के सहारे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुरानी और लीकेज वाली पाइपलाइन के कारण यह समस्या लगातार बनी हुई है। जलभराव और सीवेज ने बढ़ाई मुश्किल वार्ड के कई इलाके लो-लैंड होने के कारण बारिश के समय जलभराव की चपेट में आ जाते हैं। लोगों का कहना है कि सीवेज नेटवर्क मजबूत नहीं होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाती और गंदगी सड़कों पर तैरने लगती है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। ————– ये खबर भी पढ़िए… नलों का दूषित पानी दांत कर रहा पीले: गोरखपुर के वार्ड-24 के कई हिस्सों में 5 साल से सूखी पाइपलाइन, सड़कें लबालब सड़कें चमकती हैं, लेकिन नालियां उफना रही हैं। पाइपलाइन बिछी है, लेकिन पानी नहीं आता। जहां आ रहा है वहां पीला और दूषित है। लोगों ने बताया कि इसको पीने से दांत भी पीले हो रहे हैं। बारिश हो या न हो, गलियों में गंदा पानी बहता रहता है। यही तस्वीर है गोरखपुर के वार्ड-24 मत्स्येन्द्र नगर की। खास बात यह है कि लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज से आने वालों का शहर में वेलकम इसी वार्ड से होता है। पूरी खबर पढ़ें…
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वार्ड-69 में मंदिर की गली में मदिरा का व्यापार:बारिश में डूबती लकड़ी मंडी, सीवर चोक; लोग बोले- विकास इन गलियों में पहुंचा ही नहीं