उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार सख्ती बरती जा रही है. इसी क्रम में प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने कर्नलगंज इलाके में संचालित एक अवैध हॉस्टल और डिजिटल लाइब्रेरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. बिना मानकों और जरूरी अनुमतियों के चल रहे इस व्यावसायिक परिसर को सील कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया.
प्रयागराज विकास प्राधिकरण की टीम ने कर्नलगंज क्षेत्र में स्थित पंच लाल तारा देवी हॉस्टल और डिजिटल लाइब्रेरी को सील किया. यह भवन करीब 60 कमरों वाला चार मंजिला ढांचा है, जिसे बिना वैध स्वीकृति के व्यावसायिक रूप से संचालित किया जा रहा था. जांच में सामने आया कि निर्माण और संचालन दोनों ही नियमों के विपरीत थे.
जोनल अधिकारी के नेतृत्व में छापा
यह पूरी कार्रवाई पीडीए के जोनल अधिकारी गंगेश कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई. अधिकारियों के अनुसार पहले ही नोटिस जारी कर दिया गया था, लेकिन तय समयसीमा में नियमों का पालन नहीं किया गया. इसके बाद मजबूरी में सीलिंग की प्रक्रिया अपनाई गई.
‘यह भी पढ़ें: यूपी का विधानसभा चुनाव सितंबर में करा दें, हम तैयार हैं…’ अखिलेश यादव का बड़ा बयान
स्वीकृत नक्शे से कहीं ज्यादा निर्माण
जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित भूमि पर केवल 250 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में जी प्लस टू (दो मंजिला) आवासीय भवन का नक्शा स्वीकृत था.इसके बावजूद मौके पर जी प्लस चार (चार मंजिला) इमारत खड़ी कर दी गई. इतना ही नहीं, भवन का उपयोग आवासीय की जगह हॉस्टल और लाइब्रेरी के रूप में किया जा रहा था.
सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी
पीडीए अधिकारियों ने बताया कि हॉस्टल और लाइब्रेरी के लिए एक ही प्रवेश द्वार का इस्तेमाल किया जा रहा था. आपात स्थिति में निकासी के लिए कोई अलग मार्ग नहीं बनाया गया था. इसके अलावा फायर विभाग से जरूरी एनओसी भी नहीं ली गई थी, जो छात्रों की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर लापरवाही मानी गई.
मालिकाना हक को लेकर विवाद
बताया जा रहा है कि यह हॉस्टल इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. दिनेश चंद्र लाल का है. हालांकि इसका संचालन उनकी भाभी ललिता देवी कर रही थीं. दोनों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है और मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है.
छात्रों को अस्थायी राहत
जोनल अधिकारी के मुताबिक लाइब्रेरी को पूरी तरह सील कर दिया गया है. वहीं हॉस्टल के उन कमरों को सील किया गया जिनमें ताले बंद थे और कोई छात्र नहीं रह रहा था. जिन कमरों में छात्र रह रहे हैं, उन्हें परीक्षा समाप्त होने तक अस्थायी राहत दी गई है और उसके बाद हॉस्टल खाली करने के निर्देश दिए गए हैं.
पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई
सीलिंग के दौरान कर्नलगंज थाना, महिला थाना समेत कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही. भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण किसी तरह का विरोध नहीं हो सका. इस कार्रवाई से हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के बीच अफरा-तफरी का माहौल देखा गया.
पीडीए का सख्त संदेश
पीडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन पर इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. छात्रों और आम नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा.