उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच आरोप प्रत्यारोप तेज होते जा रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर अखिलेश यादव को घेरा है. इसके बाद अब समाजवादी पार्टी ने भी बीजेपी पर पलटवार किया है.
समाजवादी पार्टी के मीडिया सेल ने एक्स हैंडल पर लिखा, ”जो कभी आपको भीख मंगवाने के दावे करता था, आज उसे मन मारकर आपको अपना साथी मंत्री बनाना पड़ा है, अपने साथ कुर्सी पर बिठाना पड़ा है और मजे की बात ये कि वो अभी भी आपको वहीं कहीं भेजने के लिए शिद्दत से प्रयासरत है. है ना मजे की बात आदित्यनाथ जी?”
जो कभी आपको भीख मंगवाने के दावे करता था, आज उसे मन मारकर आपको अपना साथी मंत्री बनाना पड़ा है, अपने साथ कुर्सी पर बिठाना पड़ा है और मजे की बात ये कि वो अभी भी आपको वहीं कहीं भेजने के लिए शिद्दत से प्रयासरत है।
है ना मजे की बात आदित्यनाथ जी? https://t.co/cQ7ckQf61G
— Samajwadi Party Media Cell (@mediacellsp) June 25, 2026
योगी आदित्यनाथ का अखिलेश यादव पर हमला
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव को घेरते हुए कहा, ”जो लोग संविधान की प्रतियां लेकर घूम-घूमकर जनता की आंखों में धूल झोंक रहे हैं, इनके दोहरे चरित्र को जनता के सामने उजागर किए जाने की जरूरत है. उस समय इंदिरा गांधी के अत्याचार के कारण जो लोग लोकतंत्र के समर्थन में जेल की यात्रा कर रहे थे. इंदिरा गांधी के आदेश से उस अत्याचार की चपेट में पिस रहे थे, ऐसे लालू प्रसाद यादव जी हो, मुलायम सिंह यादव हों, इनकी वर्तमान पीढ़ी क्या कर रही है? आज उसी कांग्रेस के साये में राजनीति करते दिखाई दे रहे हैं.”
ये मुलायम सिंह की विरासत को डूबोने के लिए उतारू- सीएम योगी
उन्होंने आगे कहा, ”जब भी समाजवादी पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन का प्रयास करती थी तो मुलायम सिंह यादव उसका विरोध करते थे. कहते थे कि सबकुछ हो जाएगा लेकिन कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं होना चाहिए लेकिन उनके उत्तराधिकारी क्या कर रहे हैं? उनका आचरण देख लीजिए. वो कांग्रेस के डूबते हुए जहाज पर सवार होकर मुलायम सिंह की विरासत को भी डूबोने के लिए उतारू हैं. कांग्रेस ने लोकतंत्र को कुचला था और इनकी भी लोकतंत्र में कोई निष्ठा नहीं है.
सपा-कांग्रेस साथ जुड़कर लोकतंत्र को कमजोर करना चाहते हैं- योगी
मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाते हुए कहा, ”इनकी जब सत्ता थी तो इन्होंने लोकतंत्र को कुचलने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ा था. इन्होंने भी सभी संस्थाओं पर हमला किया था. ये कार्यपालिका, न्यायपालिका या प्रेस पर बराबर हमला करते थे. ये किसी का सम्मान नहीं करते थे. इसलिए अपने समान उद्देश्य के लिए आज भी एक दूसरे के साथ जुड़कर देश के लोकतंत्र को कमजोर करने, परिवारवाद की राजनीति को प्रोत्साहित करने के लिए, भारत के संवैधानिक मान्यताओं के विपरीत आचरण करना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं.”
UP में BJP का NYO-NJD फॉर्मूला, मुकाबला कर पाएगा अखिलेश-राहुल का इंडिया अलायंस? समझें यहां