अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है. यह एफआईआर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से कराई गई है. ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने इस मामले में कुल 8 लोगों को नामजद किया है. एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306, 316, 317, 317(4), 317(5), 61, 3(5) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) के तहत दर्ज की गई है. बताया जा रहा है कि कार्रवाई यूपी सरकार के निर्देश के बाद की गई.
SIT ने 23 जून को सौंपी थी प्रारंभिक रिपोर्ट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि SIT की निष्पक्ष जांच से ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ होकर रहेगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. इस मामले की जांच कर रहीएसआईटी के प्रमुख सदस्य लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने मंगलवार (23 जून) को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी.
FIR में किन-किन लोगों को किया गया नामजद?
एफआईआर में जिन लोगों को नामजद किया गया है, उनमें रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू (चम्पत राय करीबी), अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, मनीष यादव, लवकुश मिश्र, रमा शंकर मिश्र और सुभाष श्रीवास्तव (गणना इंचार्ज, रिटायर्ड बैंक कर्मी) शामिल हैं.
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- राम मंदिर ट्रस्ट ने चढ़ावा चोरी को लेकर FIR दर्ज कराई है.
- लेकिन राम मंदिर ट्रस्ट की FIR में चंपत राय का नाम नहीं है.
- FIR में अनिल मिश्रा और गोपाल राव के नाम भी दर्ज नहीं हैं.
- राम मंदिर ट्रस्ट ने 8 लोगों के खिलाफ़ नामजद FIR कराई है.
- FIR में राम मंदिर ट्रस्ट के किसी भी सदस्य का नाम नहीं है.
- इन 8 लोगों में 6 लोग चढ़ावे की गिनती करने वाले कैशियर हैं.
- चंपत राय के ड्राइवर टिन्नू यादव का नाम भी FIR में दर्ज है.
- राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने ये FIR दर्ज कराई है.
- SIT की शुरूआती जांच रिपोर्ट पर गैरज़मानती धाराओं में FIR हुई है.
पैसे गिनने वाली टीम में प्रभारी थे सुभाष श्रीवास्तव और टिन्नू यादव
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने जिन 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है उनमें सुभाष श्रीवास्तव और टिन्नू यादव का नाम पैसे गिनने वाली टीम के प्रभारी के रूप में सामने आया है, जबकि अन्य 6 लोग गिनती प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारी बताए जा रहे हैं.
जांच एजेंसियों को क्या मिले सबूत?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसियों को कथित अनियमितताओं से जुड़े कुछ दृश्य CCTV में मिले हैं. वहीं, टिन्नू यादव के भतीजे मनीष यादव का नाम भी एफआईआर में शामिल किया गया है, जो कथित तौर पर गिनती प्रक्रिया से जुड़ा था.
एफआईआर के आधार पर आगे होगी जांच- पुलिस
कृष्ण मोहन, जिन्होंने इस मामले में तहरीर दी है, पूर्व भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी रहे हैं. वे 73 वर्ष के हैं और संघ से भी जुड़े रहे हैं. पुलिस का कहना है कि दर्ज एफआईआर के आधार पर आगे जांच की जाएगी. जांच के दौरान अगर अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की जाएगी.
कौन सी धाराएं लगाई गईं?
- भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 61- आपराधिक साजिश रचने का आरोप
- BNS की धारा 306- कर्मचारी के जरिए संपत्ति की चोरी
- BNS की धारा 316- आपराधिक विश्वासघात की धारा
- BNS की धारा 317- चोरी की संपत्ति अपने पास रखना
- BNS की धारा 317 (4)- चोरी की संपत्ति का लेन-देन
- BNS की धारा 317 (5)- चोरी की संपत्ति छिपाने में मददगार बनना
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