उत्तर प्रदेश के लखनऊ अग्निकांड की आंच गोरखपुर तक पहुंच गई है. प्रशासनिक अधिकारियों के साथ फायर विभाग ने दूसरे दिन भी कोचिंग संस्थानों की गहन पड़ताल और जांच की. अधिकतर कोचिंग सेंटर मानक पर खरे नहीं उतरे. एमरजेंसी एग्जिट नहीं मिले और फायर इक्विपमेंट दुरुस्त नहीं पाए गए. इसके साथ ही कार्मिकों को ट्रेनिंग नहीं मिलने की वजह से 3 दिन का लिखित नोटिस दिया गया है.
अपर जिलाधिकारी नगर गजेंद्र कुमार और मुख्य अग्निशमन अधिकारी संतोष कुमार राय ने बुधवार 24 जून को शहर के कैंट थाना क्षेत्र के शाही मार्केट और प्रताप मार्केट में स्थित कोचिंग सेंटरों की जांच करने पहुंचे. एमरजेंसी एग्जिट, फायर इक्विपमेंट और कार्मिकों को इनके इस्तेमाल की सही ट्रेनिंग जैसे तीन बिंदुओं पर जांच की गई.
एक दर्जन कोचिंग सेंटर मानक पर नहीं मिले
प्रशासन की जांच में एक दर्जन कोचिंग सेंटर में जांच में अधिकतर कोचिंग सेंटर मानक पर खरे नहीं उतरे. किसी भी कोचिंग सेंटर में न तो एमरजेंसी एग्जिट मिला और न ही फायर इक्विपमेंट सही पाए गए. इसके साथ ही कार्मिकों को सही ढंग से फायर इक्विपमेंट को चलाने की ट्रेनिंग भी नहीं दी गई थी. वह फायर इक्विपमेंट चलाने में निपुण नहीं मिले.
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ऐसे में सभी कोचिंग संस्थानों और ऐसे स्थल जहां अधिक भीड़ बढ़ होती है उन्हें लिखित रूप से तीन दिन का अल्टीमेटम दिया गया है. उन्हें बताया गया है कि तीन दिन के अंदर वह एमरजैंसी एग्जिट बनाने का काम शुरू कर दें वही फायर इक्विपमेंट को भी दुरुस्त कराएं. इसके साथ ही कार्मिकों को फायर इक्विपमेंट चलाने की ट्रेनिंग भी सही ढंग से दी जाए, जिससे इमरजेंसी के समय वे इसे इस्तेमाल कर बड़े हादसों को रोक सकें.
बंद कोचिंग संस्थानों की भी होगी जांच
गोरखपुर के अपर जिलाधिकारी नगर गजेंद्र कुमार ने बताया कि जो भी कोचिंग संस्थान ताला बंद करके डर की वजह से चले गए हैं, उन्हें खुलवाकर तीनों बिंदुओं पर जांच की जाएगी. एमरजेंसी एग्जिट, फायर इक्विपमेंट और कार्मिकों को ट्रेनिंग के बारे में जानकारी हासिल की जाएगी. यदि वह तीनों बिंदुओं पर खरे नहीं उतरते हैं, तो उन्हें नोटिस देकर इन्हें दुरुस्त करने के लिए चेतावनी दी जाएगी. आज भी लगभग एक दर्जन से अधिक कोचिंग सेंटर में जांच पड़ताल की गई है अधिकतर इन तीन बिंदुओं पर खरे नहीं उतरे हैं.
अधिकतर कोचिंग सेंटर में एमरजैंसी एग्जिट नहीं मिला. ज्यादातर संस्थानों में फायर इक्विपमेंट काम नहीं कर रहे थे. इसके अलावा कार्मिकों को सही से ट्रेनिंग भी नहीं दी गई है. ऐसे संस्थानों को लिखित नोटिस देकर 3 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है. इसके बाद भी सामान्य दिनों में अभियान चला कर जांच की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
इमरजेंसी एग्जिट कई जगह नहीं मिला
मुख्य अग्निशमन अधिकारी संतोष कुमार राय ने बताया कि तीनों बिंदुओं पर सख्ती से जांच की जा रही है. अधिकतर संस्थानों में एमरजेंसी एग्जिट नहीं मिला है. फायर इक्विपमेंट भी ज्यादातर संस्थानों में ख़राब मिले हैं. इसके साथ ही कार्मिकों को सही से ट्रेनिंग भी नहीं दी गई है. लोगों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि जर्जर तार को बदलवाकर लोड के अनुसार मानक को पूरा करते हुए सही करा लें. जिससे शार्ट सर्किट से होने वाले हादसों से बचा जा सके. सभी संस्थाओं को लिखित नोटिस में 3 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है.