इस तरह लटका रहता है मामला
मानचित्र के विपरीत निर्माण पर एलडीए पहले काम रोकने को लेकर नोटिस जारी करता है। काम नहीं रुकने पर एलडीए पुलिस के जरिये काम रुकवाता है। इसके बाद भी निर्माण जारी रहता है तो एलडीए का विहित प्राधिकारी सीलिंग का आदेश जारी करता है। सीलिंग के बाद कोर्ट में एलडीए के विहित न्यायालय में वाद चलता है। जानकारों ने बताया कि वाद कितने दिन चलेगा यह तय नहीं है। मिलीभगत से यह मामला लोग कई साल तक लटकाए रखते हैं।
छत पर जा पाते तो बच जाती जान
सीएफओ अंकुश मित्तल का कहना है कि प्रथमदृष्टया फ्रीजर में आग लगने की बात सामने आ रही है। हालांकि, जांच के बाद ही पूरा मामला उजागर होगा। आग लगने के कारण फसाड गिर गया था। इसकी वजह से भीतर फंसे लोग बाहर नहीं निकल सके। ऊपर की तरफ सीढ़ी बंद मिली, जिसकी वजह से भी लोग बाहर निकलने में असफल रहे। उनके अनुसार बिल्डिंग की ऊंचाई 15 मीटर से कम है, जो दमकल विभाग की जांच के दायरे में नहीं आता है।



