उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ओम प्रकाश राजभर लगातार समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर हमलावर बने हुए हैं. राजभर ने एक बार फिर से सपा मुखिया पर लखनऊ में बने जेपीएनआईसी को लेकर निशाना साधा और इसके निर्माण के नाम पर करोड़ों रुपये डकारने का आरोप लगाया.
अखिलेश यादव पर लगाया आरोप
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव सरकार में बने जेपीएनआईसी को लेकर निशाना साधते हुए एक्स पर लिखा- ‘मित्र अखिलेश जी, उम्मीद करता हूं कि आप ठीक ही होंगे. आज सुबह सुबह मैं काम से घर से निकला तो थोड़ी दूर जाते ही जेपीएनआईसी दिखाई दिया. अचानक लोकनायक जय प्रकाश जी का चेहरा मेरी आंखों के सामने आ गया. फिर दिमाग में आपका ख़्याल आया. जानते हैं क्यों, सुनिए..
मैं सोचने लगा कि लोकनायक जय प्रकाश जी स्वर्ग के जिस कोने में होंगे, वहां बैठे सोच रहे होंगे कि उनके नाम पर राजनीति करने वाले उनके नाम पर इमारत बनाकर करोड़ों, माफ़ कीजिएगा अरबों डकार गए. वो सोच रहे होंगे कि क्या इसी समाजवादी की नींव डालने के लिए उन्होंने अपना जीवन आंदोलन के लिए झोंक दिया था?
मित्र, कम से कम जयप्रकाश नारायण जी के नाम पर बन रही बिल्डिंग में तो घोटाला नहीं करना चाहिए था. एक बिल्डिंग उनके नाम पर बना रहे थे, कम से कम उसे तो बख्श देते. उनके नाम पर भी 200 करोड़ की बिल्डिंग का काम आपने 860 करोड़ में कराया. बिल्डिंग भी पूरी नहीं बनाई.
यक़ीन मानिए, जयप्रकाश नारायण जी की पुण्यात्मा का ही श्राप है कि आप नौ साल से सत्ता से बाहर हैं और आगे भी दोबारा कभी सत्ता में नहीं आएंगे. लोकनायक जय प्रकाश जी श्रद्धेय हैं, आदरणीय है, पूजनीय हैं. उनके नाम पर भ्रष्टाचार, छी..
राम मंदिर ट्रस्ट में नए ट्रस्टी की चर्चाएं तेज, अब इनके नाम का रखा गया प्रस्ताव
उम्मीद करते हैं कि भ्रष्टाचार की इमारत को जब जब आप निहारेंगे, तब तब आप ऊपर से शांत भले दिखें लेकिन अंदर अंदर ग्लानि और पश्चाताप ज़रूर होगा. पूर्वजों का सम्मान कीजिए, उनके नाम पर भ्रष्टाचार अच्छी बात नहीं है. उम्मीद है मेरी तरह आप भी कभी ना कभी गोमती नदी के किनारे से गुज़रते हुए जब कभी जेपीएनआईसी को देखेंगे, आपको अपना पाप ज़रूर झकझोरेगा.’
बता दें कि यूपी चुनाव से पहले कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हो गए हैं. वो लगातार पोस्टर कर अखिलेश यादव पर हमले कर रहे हैं. जिसके बाद से प्रदेश की सियासत गर्म हो गई है.
खुला राम मंदिर ट्रस्ट का बही खाता! जानें एक साल में कितनी हुई कमाई और कहां हुआ खर्च?