एटा जनपद में भारतीय किसान यूनियन (किसान संगठन) के दर्जनों किसानों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक लिखित ज्ञापन जिलाधिकारी अरविंद सिंह को सौंपा। किसानों ने कृषि और डेयरी क्षेत्र में भारत-अमेरिका समझौते का विरोध करते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागू करने की पुरजोर मांग उठाई। यह प्रदर्शन किसान नेता रवि पाल के नेतृत्व में हुआ।किसानों की मुख्य मांग है कि कृषि, डेयरी और पॉल्ट्री क्षेत्रों में किसान संगठनों की सहमति के बिना अमेरिका के साथ कोई समझौता न किया जाए। उन्होंने तर्क दिया कि अमेरिका अपने किसानों को कृषि क्षेत्र में भारी सब्सिडी देता है, जबकि भारत में किसानों को महंगे सामान मिलते हैं। ऐसे में, यदि अमेरिका से सस्ता माल आता है, तो भारतीय किसानों की उपज कौन खरीदेगा, यह चिंता का विषय है। किसानों ने भारतीय किसानों और डेयरी संचालकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने यह भी मांग की कि किसी भी अंतर्राष्ट्रीय समझौते से पहले संसद में गहन चर्चा की जाए और देश की खाद्य सुरक्षा और किसानों की आजीविका सुनिश्चित की जाए। किसान नेता रवि पाल ने बताया कि वे भारत-अमेरिका समझौते का विरोध करते हैं, क्योंकि इससे भारत के किसानों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि भारत में किसानों को महंगाई का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी फसलें और डेयरी उत्पाद महंगे तैयार होते हैं। इसलिए, उनकी मांग है कि इस तरह के समझौते से पहले गहन विचार-विमर्श होना चाहिए। इस दौरान मोनू कुशवाहा, यादवेंद्र राजपूत, आकाश कश्यप, सनी सहित दर्जनों किसान मौजूद रहे।
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अमेरिका-भारत डेयरी, कृषि डील का विरोध:किसान संगठनों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा, एमएसपी लागू करने की मांग