लखनऊ के गायत्री शक्तिपीठ गोमती नगर में युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। जून माह में चलने वाली इस कार्यशाला में कर्मकांड, भाषण और डफली वादन की कला सिखाई जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ना और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करना है। संस्थान ने इस प्रशिक्षण को तीन सत्रों में बांटा है। पहला सत्र 1 से 10 जून, दूसरा 11 से 20 जून और तीसरा 21 से 30 जून तक चलेगा। 1 जून को शुरू हुई इस कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य ट्रस्टी शिव शंकर मिश्रा ने किया। उन्होंने युवाओं को जीवन में संस्कारों के महत्व के बारे में बताया। संकल्प के साथ गायत्री शक्तिपीठ ने यह विशेष प्रशिक्षण शुरू किया उद्घाटन भाषण में शिव शंकर मिश्रा ने कहा कि परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने मनुष्य में देवत्व के विकास और धरती पर स्वर्ग के अवतरण का लक्ष्य निर्धारित किया था। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सद्विचारों और उत्कृष्ट संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि समाज को सही दिशा देने के लिए युवाओं का प्रशिक्षित होना और आगे आना सबसे जरूरी है। इसी संकल्प के साथ गायत्री शक्तिपीठ ने यह विशेष प्रशिक्षण शुरू किया है। कार्यशाला में स्थानीय युवाओं में उत्साह देखा जा रहा है और वर्तमान में 10 से अधिक प्रशिक्षार्थी इसमें भाग ले रहे हैं।
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गायत्री शक्तिपीठ लखनऊ में युवाओं के लिए विशेष कार्यशाला शुरू:कर्मकांड, भाषण और डफली वादन सिखाकर संस्कृति से जोड़ने का लक्ष्य