Last Updated:
Maharajganj News: महराजगंज जिले के भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र झूलनीपुर की तस्वीर पिछले कुछ वर्षों में काफी बदल गई है. बेहतर सड़कों, बढ़ती सुविधाओं और पर्यट विकास योजनाओं ने इस सीमावर्ती इलाके को नई पहचान दी है.
महराजगंज: उत्तर प्रदेश का महराजगंज जिला अपने खास भौगोलिक स्थिति के लिए जाना जाता है. देश के आखिरी छोर पर बसा हुआ यह जिला पड़ोसी देश नेपाल के साथ सीमा साझा करता है. जिले का एक बड़ा हिस्सा भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में आता है और इस क्षेत्र में जिले की एक बड़ी आबादी रहती है. एक समय ऐसा था जब सीमावर्ती क्षेत्रों में लोग आज की तुलना में बहुत कम आवागमन करते थे. इसके साथ ही बहुत से सीमावर्ती क्षेत्र ऐसे भी थे, जहां बिना जरुरत के लोग जाना भी पसंद नहीं करते थे.
महराजगंज जिले की बात करें तो जिले के एक बड़े हिस्से में वनों वाला क्षेत्र है. हालांकि आज के समय में ज्यादातर सीमावर्ती क्षेत्रों में अब पहले जैसे घने पेड़-पौधे और जंगल नहीं हैं, लेकिन हमेशा से स्थिति ऐसी नहीं थी. सीमावर्ती क्षेत्रों में पहले लोग बिना किसी काम के ज्यादातर आवागमन नहीं करते थे. जिनका काम होता था, वही लोग इन क्षेत्रों में आते थे.
विकास कार्य से बदल गई सूरत
समय के साथ-साथ स्थिति अब बदल चुकी है. अब ना तो पहले जैसे घने जंगल रहे और ना ही पहले जैसा माहौल. इसके साथ ही अब सीमावर्ती क्षेत्रों में सिर्फ लोगों का आवागमन ही नहीं शुरू हुआ है, बल्कि हर समय यहां पर लोगों को देखा जा सकता है. इसके पीछे की वजह है सीमावर्ती क्षेत्रों में हो रहा विकास कार्य है, जिसकी वजह से स्थिति अब बदल रही है.
खूबसूरत गेट बना आकर्षण का केंद्र
महराजगंज जिले के निचलौल क्षेत्र के झूलनीपुर बॉर्डर की बात करें तो एक समय ऐसा था, जब बॉर्डर एरिया में लोगों का ज्यादातर आना-जाना नहीं रहता था. लेकिन आज का समय ऐसा है कि बॉर्डर से लेकर पूरे एरिया में एक बड़ी संख्या में लोगों का आना जाना रहता है. झूलनीपुर बॉर्डर जाने के लिए निचलौल से ही एक चौड़ी सड़क देखने को मिलती है, जो सीधे झूलनीपुर बॉर्डर तक जाती है. एक समय में इस सड़क से होकर जाने में भी लोगों को डर लगता था, लेकिन जब से यह सड़क बनी है, बॉर्डर तक आवागमन सुविधाजनक हो गया है.
इसके साथ ही झूलनीपुर बॉर्डर के पास बना एक सुंदर गेट यहां आने वाले लोगों के लिए एक आकर्षण का केंद्र भी बना हुआ है. बॉर्डर से कुछ ही दूरी पर यह बहुत ही सुंदर गेट बना हुआ है, जो देखने में काफी खूबसूरत लगता है. यह गेट इतना सुंदर है कि यहां पर लोग फोटो भी खींचवाते हैं. इसके साथ ही नेपाल से आने वाली एक नहर को भी झूलनीपुर बॉर्डर पर ऐसे विकसित किया जा रहा है कि जैसे कोई घूमने की जगह हो. इसको बहुत ही सुंदर बनाया जा रहा है, जो लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है.
निचलौल झूलनीपुर रोड से बढ़ा लोगों का आवागमन
महराजगंज जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों की बात करें तो समय के साथ-साथ इन क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों की वजह से इनका कायापलट हो रहा है, जहां पहले लोग जाने से भी कतराते थे. अब इन सीमावर्ती क्षेत्रों में लोग घूमने के लिए भी आते हैं. पहले ना तो रोड की अच्छी सुविधा थी और ना ही यहां कोई अन्य दूसरी सुविधा देखने को मिलती थी. लेकिन अब समय बदल रहा है और इस क्षेत्र में लोगों का आकर्षक बढ़ रहा है.
इस क्षेत्र में बहुत से लोग ऐसे हैं, जो घूमने के लिए आते हैं और एक बड़ी संख्या ऐसे लोगों की भी है, जो पड़ोसी देश नेपाल में भी जाते हैं. खासकर निचलौल से झूलनीपुर बॉर्डर तक का बना यह रोड इस रास्ते से आने-जाने वाले लोगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है, जिसके बाद से ही इस क्षेत्र में लोगों की आवागमन को बढ़ते हुए देखा गया है.
About the Author
आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.