Ram Mandir Chadawa Chori: अयोध्या के राम मंदिर बढ़ावा चोरी मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज कर ली गई है। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में संस्तुति के बाद श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट की शिकायत पर FIR दर्ज की गई है।
यूपी सरकार के निर्देश पर बीएनएस के तहत कई धाराओं के आधार पर शिकायत दर्ज की गई है। सूत्रों के अनुसार CCTV में चोरी करते दिखे और उनकी मदद करने वालों के खिलाफ चंदा चोरी के मामले में 8 से ज्यादा लोगों पर FIR दर्ज की गई है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (SIT) ने प्रारंभिक रिपोर्ट में 8 से ज्यादा लोगों पर FIR दर्ज की है। सूत्रों के अनुसार CCTV में चोरी करते दिखे रहे लोग और उनकी मदद करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यूपी सरकार के निर्देश पर बीएनएस के तहत 306, 316(5), 317(4) ,317(5), 61 और 3(5) के तहत शिकायत दर्ज की गई है। पुलिस व एसआईटी की टीमें अब आरोपियों की धरपकड़ और दस्तावेजों को खंगालने की कार्रवाई में जुट गई है।
सूत्रों के मुताबिक, एफआईआर में आठ लोगों को नामजद किया गया है। FIR में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, टिन्नू यादव, मनीष यादव आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज। इन सभी पर गबन, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। एसआईटी गठित होने के 13 दिन बाद मुकदमा दर्ज हुआ है।
गौरतलब है कि राम मंदिर में चढ़ावे और दान में हुई कथित अनियमितताओं व चोरी के मामले में जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को SIT बनाई थी। इस टीम में लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत (IAS), IG लखनऊ रेंज किरण शिवकुमार औ सहित कई अधिकारी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि राम मंदिर चढ़ावे से हुई चोरी 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की हो सकती है। तीन सदस्यीय SIT ने अपनी प्राथमिक जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंपी थी।
आपको बता दें कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के चढ़ावा में चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने विशेष जांच का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रकरण की जांच के लिए ट्रस्ट का गठन हुआ था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि SIT की निष्पक्ष जांच से ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ होकर रहेगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।