मैं अपनी सहेली नीलम के साथ काम मांगने के लिए गई थी। वह मुझे छोड़कर चली गई थी। मैं मालिक (अशोक बिग) से बात कर रही थी, तभी उनका एक रॉटविलर डॉग मेरे सामने टहल रहा था। कुछ ही देर में अचानक से उसने मुझ पर झपट्टा मार दिया। उसके बाद दो और रॉटविलर डॉग मुझ पर टूट पड़े। मैं खून से लथपथ चीख रही थी। कुत्ते मेरे मांस नोच रहे थे, मेरे सिर के पिछले हिस्से को भी वह खा गए। ये बातें दैनिक भास्कर से बातचीत में कानपुर के घाऊखेड़ा की रहने वाली 55 वर्षीय गीता का। तीन रॉटविलर डॉग के हमले से घायल गीता के पैर, हाथ, गर्दन, सिर समेत करीब 30 डॉग बाइट के निशान मिले हैं। हैलट अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के रेड जोन में उनका इलाज चल रहा है। सोमवार देर शाम उनके चेहरे, गर्दन में सूजन आने के साथ सिर में दर्द और तेज बुखार की समस्या होने लगी। जिस पर परिजनों ने डॉक्टरों को जानकारी दी। गीता आज भी उन दर्दनाक पलों को याद करते हुए सिहर जाती हैं। गीता ने कहा- मैं चिल्ला रही थीं, लेकिन कुत्तों को पालने वाले अशोक बिग कुछ नहीं कर पा रहे थे, बाहर खड़े लोग मुझे बचाने के लिए कुत्तों को ईंट–पत्थर चला रहे थे, लेकिन कोई भी पास आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। मैं खून से लथपथ किसी तरह से घिसटते हुए घर के बाहर आई, जिसके बाद लोगों ने मुझे बचाकर घरवालों को जानकारी दी। सवाल: क्या हुआ था पूरी घटना बताइए? जवाब: पूरा मामला ये था कि मैं एक सहेली के घर में आती-जाती थी, जिसका नाम नीलम है। वो भी गांव खेड़े में ही रहती है। हमारी नई-नई दोस्ती हुई थी, तो वो हमसे कहती थी, कि आपको अगर कहीं काम चाहिए तो हमारे साथ चलो, हम आपको काम दिला देंगे। जिसके बाद मैं उनके साथ कांग्रेस नेता अजय बिग के भाई अशोक बिग के घर गई। इस दौरान मालिक (अशोक बिग) से हम बात कर रहे थे, तभी मेरी सहेली हमें छोड़ कर कहीं आगे चली जाती है। बातचीत के दौरान एक रॉटविलर डॉग मेरे सामने टहल रहा था। कुछ देर में अचानक बहुत तेजी से तीन रॉटविलर डॉग्स ने मेरे ऊपर तेजी से झपट्टा मारा, और मुझे नोचने–घसीटने लगता है, जिससे मैं खून से लथपथ हो गई। सवाल: घटना के समय मौके पर कौन था? कुत्ते के मालिक वगैरह थे? जवाब: एक ही कुत्ता मेरे सामने घूमता हुआ दिखाई पड़ रहा था, अचानक उसने मेरे ऊपर कस के झपट्टा मारा। उसके बाद दो कुत्ते और आ गए, वो भी मुझे नोचने घसोटने लगे। सवाल: मालिक आया नहीं, उनको हटाया नहीं? जवाब: मालिक मेरे सामने ही खड़े हुए थे। अब मैं खून से पूरी लथपथ हो गई, मेरा पूरा मांस काट डाला। ये सब ड्रेसिंग वगैरह हुई है। पूरा मांस काट डाला, हाथ का, पैर का, सर के पूरे बाल काटा और मालिक वहीं खड़ा था। सब जगह बस खून ही खून था। मैं चिल्लाती रही, लोग गेट के बाहर इकट्ठा हो गए। मैंने उनसे कहा कि मेरी मदद करिए। तुरंत मेरे लिए एम्बुलेंस बुलाइए, पुलिस वाले बुलाइए। मैंने लोगों को अपने घर वालों का नंबर दिया। मैंने कहा कि “मेरी दो बेटियां हैं, अब इनसे बात करके बुला दीजिए कि आपकी मम्मी जी की यह कंडीशन हो गई है, उनको कुत्तों ने बहुत काट लिया है। बहुत ज्यादा दिक्कत है उनको।” सवाल : और मालिकों ने कोई मदद नहीं की आपकी वहां पर ? जवाब: मालिक कुछ नहीं मदद किया। मालिक बेबस था, कुत्तों को इधर–उधर भगा रहा था। वो मेरे पास से भाग नहीं रहे थे, वो मुझे नोचने में जुटे हुए थे। उन्होंने मेरा पूरा शरीर काट डाला। जब उन्होंने कुत्ते को जा के कमरे में बंद किया तो मैं घिसटती-घिसटती किसी तरह गेट से बाहर निकली। मोहल्ले वाले कुत्तों से डर रहे थे। इसलिए वो गेट के अंदर नहीं आ रहे थे, उन्हें डर था कि कुत्ते उनपर न झपट पड़े, लेकिन जैसे ही मैं बाहर निकली, लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई, लोगों ने मेरी मदद की। सवाल: क्या पहली बार आप इनसे मिले थे या इससे पहले कभी गए थे? जवाब: हां, मैं पहली बार मिलने गई थी। घाऊखेड़ा की रहने वाली गीता के पति ज्योति प्रकाश ने बताया कि उनकी पत्नी काम के सिलसिले में अपनी सहेली नीलम के साथ शनिवार शाम 6.30 बजे गई थी। कांग्रेस नेता अजय बिग के भाई अशोक बिग के घर पहुंचते ही उनके तीनों कुत्तों ने उन पर हमला कर दिया। डिलीवरी बॉय अशोक के घर सामान देने आया था। उसने शोर शराबा सुना तो भागकर गीता के पास पहुंचा। ईंट फेंककर कुत्तों को मारा। तभी सामने पार्क में क्रिकेट खेल रहे बच्चों ने भी बैट और डंडे से कुत्तों को खदेड़ा। तब जाकर कुत्तों ने महिला को छोड़ा था। सूचना पर घायल गीता की बेटी बॉबी और तेजस्वी पहुंचीं, किसी तरह मां को स्कूटी से लेकर कांशीराम अस्पताल ले गईं। जहां डॉक्टरों ने उन्हें हैलट अस्पताल रेफर कर दिया था। गीता की बेटी तेजस्वी ने बताया था कि विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के रिश्तेदार हैं अशोक बिग फ्रेंड्स कॉलोनी जाजमऊ में रहने वाले अशोक बिग ने बताया कि वह विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के रिश्तेदार और पारिवारिक भाई हैं। खुद को बताया कि वह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ दून स्कूल देहरादून के पढ़े हुए हैं। उनके पिता विंग कमांडर थे, 1962 में वार के दौरान उन्हें वॉर हीरो के तौर पर सम्मानित किया गया था। उन्हें पेट्रोलपंप भी उसी के लिए दिया गया था। बाकरगंज चौराहे पर पेट्रोलपंप है।
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'रॉटविलर कुत्ते मांस नोच रहे थे, कोई बचाने नहीं आया':घायल गीता बोलीं- मालिक बेबस खड़े रहे, मैं घिसटते हुए घर से बाहर आई