शक्ति का जन्म 11 मार्च 2012 को हुआ था, जबकि अंश 12 मई 2011 और इरफान 13 मार्च 2010 को इस दुनिया में आए थे। उम्र में बहुत ज्यादा अंतर नहीं था। पड़ोसी सादिया खातून बताती हैं, तीनों बचपन से ही साथ खेलते, साथ स्कूल जाते और साथ ही घर लौटते थे। उनके व्यवहार में जाति-धर्म का कोई भेद नहीं था। वे एक-दूसरे को नाम से नहीं बल्कि भाई कहकर पुकारते थे।
हाल ही में अंश का जन्मदिन मनाया गया था, जिसमें शक्ति और इरफान भी शामिल हुए थे। हंसी-खुशी का वह पल परिवार और दोस्तों के लिए एक यादगार दिन था लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह उनकी आखिरी साझा खुशी साबित होगी। दुर्घटना वाले दिन भी तीनों हमेशा की तरह घर से साथ निकले थे।
एक ही घर जैसे माहौल में पले-बढ़े इन तीनों दोस्तों की अर्थी जब एक के बाद एक उठी, तो पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। लोग यही कहते नजर आए कि बचपन की यह अटूट दोस्ती आखिरकार जिंदगी के सबसे दर्दनाक मोड़ पर भी साथ ही खत्म हो गई।
एक-दूसरे को बचाने में चली गई तीनों की जान
मोहल्ले में रहने वाले सुरेश कहते हैं कि राप्ती नदी के किनारे पहुंचे तीनों दोस्तों में सबसे पहले इरफान ने नहाने के लिए पानी में छलांग लगाई लेकिन गहराई और तेज बहाव का अंदाजा उसे नहीं था। जब वह डूबने लगा तो उसे बचाने के लिए शक्ति और अंश भी बिना सोचे-समझे नदी में कूद पड़े लेकिन गहराई अधिक होने के कारण तीनों ही खुद को संभाल नहीं सके और देखते ही देखते नदी में समा गए।



