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रानीपुर टाइगर रिजर्व बनने के बाद चित्रकूट के जंगलों में वन्यजीवों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. यहां तेंदुआ, हिरन, भालू, सियार, नीलगाय समेत कई जीव-जंतु पाए जाते हैं. गर्मी बढ़ने के साथ ही जंगलों में पानी के स्रोत सूखने लगते हैं, जिससे जानवरों के सामने पानी की समस्या खड़ी हो जाती है. ऐसे में गर्मी के मौसम को देखते हुए विभाग के द्वारा जंगलों में विशेष इंतजाम किए गए हैं.
चित्रकूटः भीषण गर्मी की मार इन दिनों पूरे बुंदेलखंड में देखने को मिल रही है. बांदा से सटे धर्मनगरी चित्रकूट में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है, गर्म हवाओं और तेज धूप ने जहां आम लोगों का जीवन प्रभावित कर दिया है, वहीं जंगलों में रहने वाले वन्यजीव भी गर्मी से परेशान हैं. खासकर रानीपुर टाइगर रिजर्व में रहने वाले जानवरों के लिए यह मौसम चुनौती बन गया है.
गर्मी में जानवरों के लिए ये है व्यवस्था
बता दे कि रानीपुर टाइगर रिजर्व बनने के बाद चित्रकूट के जंगलों में वन्यजीवों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. यहां तेंदुआ, हिरन, भालू, सियार, नीलगाय समेत कई जीव-जंतु पाए जाते हैं. गर्मी बढ़ने के साथ ही जंगलों में पानी के स्रोत सूखने लगते हैं, जिससे जानवरों के सामने पानी की समस्या खड़ी हो जाती है. ऐसे में गर्मी के मौसम को देखते हुए विभाग के द्वारा जंगलों में विशेष इंतजाम किए गए हैं. जंगल के अंदर कई स्थानों पर वॉटर होल तैयार किए गए हैं, ताकि जानवरों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े. इसके अलावा जंगलों में मौजूद तालाबों और जलाशयों में टैंकरों के माध्यम से लगातार पानी भरवाया जा रहा है.
स्थायी वॉटर होल के साथ अस्थायी चेकडैम बने
वही इस संबंध में रानीपुर टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक प्रत्यूष कुमार कटियार ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि कि जंगलों के भीतर तापमान शहरों की तुलना में कुछ कम रहता है, लेकिन लगातार बढ़ रही गर्मी को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है. वन कर्मियों को अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया गया है, जो जानवरों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं. खासतौर पर उन इलाकों पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है जहां वन्यजीवों की आवाजाही अधिक रहती है.
विभाग के द्वारा जंगलों में स्थायी वॉटर होल के साथ-साथ अस्थायी चेकडैम भी बनाए गए हैं, इनका उद्देश्य गर्मी के दौरान वन्यजीवों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना है. उन्होंने बताया कि विभाग की टीम लगातार फील्ड में सक्रिय है और इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि किसी भी जानवर को पानी या गर्मी के कारण परेशानी न हो.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें