ग्रामीण अंचल में हर घर तक शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन योजना बजट के अभाव में पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर सकी है। योजना के तहत 1120 टंकियां बनवाकर 5.65 लाख घरों में पानी की आपूर्ति करनी थी। पांच साल बाद भी जिले में कुल 700 टंकियां ही बन पाई हैं।
अभी 2.56 लाख घरों तक शुद्ध पानी मयस्सर नहीं हो पाया है। इसके लिए 600 करोड़ रुपये के बजट की दरकार है। केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की शुरुआत 2021 में की थी। इसके तहत गांवों में पानी की टंकियां बनाकर पाइप के माध्यम से घरों में शुद्ध पेय जल पहुंचाना था। इसकी जिम्मेदारी जल निगम को दी गई।
योजना के तहत पानी की 1120 टंकियां बनवाने और पाइपलाइन बिछाने के लिए 1400 कराेड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया। 700 टंकियां बन गई हैं। उनमें से 650 से घरों में पानी की सप्लाई शुरू हो गई है। शेष टंकियां इसलिए नहीं बन पा रही हैं क्योंकि बजट के 600 करोड़ रुपये नहीं मिले हैं। इसके चलते योजना को मूर्तरूप में देने की दिक्कत आ रही है। विभाग की ओर से बजट की मांग की गई है। (संवाद)
पंचायत समिति करेगी संचालन…कराएगी पानी की जांच
जिन गांवों में योजना के तहत पानी की आपूर्ति बहाल हो गई है, वहां संचालन के लिए पंचायत समिति बनाई गई है। यह समिति गुणवत्ता के लिए समय-समय पर पानी की जांच कराएगी। अगर गड़बड़ी मिलती है तो पानी की गुणवत्ता को ठीक कराएगी।
पानी की एक टंकी से 600 घरों को आपूर्ति
पानी की एक टंकी पर दो करोड़ की लागत आ रही है। एक टंकी से 600 घरों को पानी का कनेक्शन देने का लक्ष्य है। अब तक 650 टंकियां बनवाकर तीन लाख घरों को कनेक्शन दिया जा चुका है। योजना को पूरा करने के लिए दिसंबर 2027 तक का लक्ष्य रखा गया है।
जिले में 1120 टंकियों का निर्माण कराना है। 700 का निर्माण पूरा हो गया है। 650 टंकियों से पानी की सप्लाई घरों में हो रही है। जो टंकियां बची हैं, उन्हें दिसंबर 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। जिले में 5.65 लाख घरों में शुद्ध पानी पहुंचाना है। इधर डेढ़ साल से कोई बजट नहीं आया है। इसके चलते कार्य में विलंब हो रहा है: अखिलानंद, अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण