पुलिस ने जब चंपत राय से पूछताछ की तो उन्होंने कहा कि उनकी चढ़ावा चोरी में कोई भूमिका नहीं है। इसकी जानकारी मिलते ही वह सक्रिय हो गए और संदिग्धों को पकड़ा। साथ ही एफआईआर भी कराई.। उन्होंने स्वीकार किया, कोई हेरफेर न हो, इसकी जिम्मेदारी उनकी थी। टिन्नू यादव बहुत पहले से जुड़ा था, उसने गलत किया, इसकी उम्मीद नहीं थी। वहीं उन्होंने एक सपा नेता का भी मामले में जिक्र किया है।
एक नेशनल न्यूज़ चैनल के मुताबिक पुलिस ने पूछा-रिश्तेदार या जानने वालों को काम पर किस तरह रखा गया? चंपत राय ने कहा, जरूरतमंदों को काम दिया। इसमें केवल मैं ही नहीं, ट्रस्ट के अन्य सदस्यों की भी भूमिका रही।उन्होंने कहा टिन्नू ने एक सपा नेता को मामले की जानकारी दी थी, तभी से मामले ने तूल पकड़ा। इसके अलावा उन्होंने बताया कि वह चोरी पकड़ने के बाद एफआईआर दर्ज करवाने गए थे लेकिन फिर दर्ज नहीं करवाई थी। इसके पीछे की वजह स्पष्ट नहीं बताई।