अलीगंज में 22 जून को हुए अग्निकांड के बाद शहर में एलडीए और अग्निशमन विभाग की ओर से चल रहे सीलिंग अभियान पर फिलहाल एक सप्ताह का ब्रेक लगा गया है। अब पूरी तरह अवैध भवन को भी सीधे सील नहीं किया जाएगा। कार्रवाई से पहले भवन स्वामी को पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। इसके बाद ही सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी।
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया है कि इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। सीधी कार्रवाई पर यह रोक तमाम शिकायतों के बाद लगाई गई है। सीलिंग के कई मामलों में शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कार्रवाई से पहले उनको सुनवाई का मौका तक नहीं दिया गया।
अलीगंज अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री ने 23 जून को समीक्षा बैठक की थी। बैठक में व्यापक जागरूकता और नोटिस के बाद ही प्रवर्तन की कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद आवास विभाग ने 25 जून को नगरीय क्षेत्रों में अग्निकांड रोकथाम के लिए दिशा-निर्देश जारी किए।
एलडीए वीसी ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि जिन कोचिंग सेंटरों में अग्निशमन व्यवस्था ठीक है, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। जहां व्यवस्था ठीक नहीं है, उन्हें एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। इसके बाद भी सुधार न होने पर नोटिस देकर कठोर कार्रवाई होगी।
नोटिस में स्पष्ट लिखा जाएगा कि जन सुरक्षा के प्रति उदासीनता बरती जा रही है। निर्देश में कहा गया है कि सीलिंग से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी, इसलिए सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही कार्रवाई करें।