गौतमबुद्ध नगर की डीएम मेघा रूपम ने गुरुवार को हाईकोर्ट में उपस्थित होकर भुगतान ग्रैच्युटी अधिनियम के तहत जारी वसूली नोटिस का पालन न होने और न्यायालय के आदेशों की अनदेखी के लिए बिना शर्त माफी मांगी।
साथ ही कोर्ट को आश्वस्त किया कि नियत प्रक्रिया का पालन करते हुए नई कंपनी उमा मेडिकेयर लिमिटेड के नाम पर नया वसूली नोटिस जारी किया जाता है तो प्रशासन उक्त राशि की वसूली सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। कोर्ट ने प्रशासन की ओर से मिले पुख्ता आश्वासन और परिस्थितियों को देखते हुए सभी याचिकाओं को आवश्यक दिशानिर्देशों के साथ निस्तारित कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की ने महेंद्र दत्त शर्मा सहित चार अन्य की याचिकाओं पर उनके अधिवक्ता राधेश्याम द्विवेदी और अपर महाधिवक्ता अशोक मेहता व मुख्य स्थायी अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह को सुनकर दिया। क्या है मामला जानिये मामले के तथ्यों के अनुसार मैसर्स तिलक एक्सपोर्ट्स के खिलाफ ग्रैच्युटी भुगतान प्राधिकरण ने लगभग सात लाख रुपये और उस पर ब्याज की वसूली के लिए 13 जून 2024 को वसूली नोटिस जारी किया था। राज्य सरकार के अधिकारियों का कहना था कि दिए गए पते पर उक्त कंपनी का कोई अस्तित्व नहीं मिला। जांच में यह सामने आया कि मैसर्स तिलक एक्सपोर्ट्स को पहले ही एक नई कंपनी उमा मेडिकेयर लिमिटेड को बेचा जा चुका है। वसूली नोटिस नई कंपनी के नाम पर नहीं था इसलिए प्रशासन इसे निष्पादित करने में असमर्थ रहा।
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गौतमबुद्ध नगर की डीएम ने हाईकोर्ट से मॉफी मांगी:कोर्ट में हाजिर होकर आदेशों की अनदेखी के लिए बिना शर्त माफी मांगी