उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राममंदिर चंदा चोरी के आरोपियों से जेल में पूछताछ के लिए अयोध्या पुलिस को इजाजत मिल गई है. जेल में बंद पांच आरोपियों अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा,रामशंकर यादव उर्फ़ टिन्नू, करुणेश पांडे और मनीष यादव से रविवार से पूछताछ करेगी.
इन आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद है. माना जा रहा है कि अभी तक ये पता नहीं चल सका है कि गबन की गयी रकम कितनी है और इसमें और कौन-कौन शामिल है. कई कर्मचारियों के ठिकानों से नगदी भी मिली थी.
जून में हुआ था खुलासा
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला जून के पहले सप्ताह में सामने आया था, जब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को उठाया था. शुरू में मंदिर प्रबंधन ने इसे नकारा, लेकिन सीसीटीवी से छेड़छाड़ और कई कर्मचारियों के यहां से नगदी और आभूषण मिलने के बाद मामला गर्मा गया. 13 जून को सरकार ने इस मामले में SIT का गठन किया, जिसने 7 दिनों में अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी.
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एफआईआर के बाद आठ गिरफ्तार
SIT रिपोर्ट के बाद एक एफआईआर दर्ज की गयी, जिसके बाद आठ लोगों को गिरफ्तार किया. उन्हीं में से ये पांच लोग भी हैं. पुलिस अब इनसे पूछताछ करेगी. जबकि इसके अलावा चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है और गोपाला राव को हटा दिया गया है. लेकिन वे पिछले दिनों आरती करवाते हुए दिखे थे.
विपक्ष ने बीजेपी और आरएसएस को घेरा
इस मामले में विपक्षी पार्टियों खासकर सपा और कांग्रेस ने बीजेपी और आरएसएस को चढ़ावा चोरी में मुख्य जिम्मेदार माना है. दोनों ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की थी और SIT को भी दिखावा बताया था. आरोप लगाया कि बड़े पदाधिकारियों को बचाने के लिए छोटे कर्मचारियों को फंसाया गया. जबकि मंदिर ट्रस्ट का गठन केंद्र की मोदी सरकार ने किया, लेकिन अब जिम्मेदारी से मुकर रही है.
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