बाराबंकी के जिला महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं से कथित अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं. आशा बहु स्वास्थ्य समिति (उत्तर प्रदेश) की जिला इकाई ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में सिजेरियन और सामान्य प्रसव कराने के नाम पर 1800 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है.
इसके अलावा खून की जांच और अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भी दलालों द्वारा 500 रुपये तक लिए जाने की शिकायतें मिल रही हैं. इन आरोपों को लेकर दर्जनों आशा बहुएं सोमवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पहुंचीं और एसीएमओ डॉ. डी.के. श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की.
‘मरीजों को आर्थिक शोषण का करना पड़ता है सामना’
समिति की जिला अध्यक्ष सुनीता देवी के नेतृत्व में पहुंचे आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि जिला महिला अस्पताल में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं के कारण गरीब मरीजों को आर्थिक शोषण का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने मांग की कि आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए.
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आशा संगिनियों के लंबित भुगतान का उठा मुद्दा
ज्ञापन में आशा एवं आशा संगिनियों के लंबित भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया. आशा बहुओं का कहना है कि विभिन्न योजनाओं के तहत किए गए कार्यों का भुगतान लंबे समय से लंबित है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया.
आशा कार्यकर्ताओं को समय पर नहीं मिलता मानदेय
आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे गांव-गांव जाकर गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने, टीकाकरण अभियान चलाने, आयुष्मान भारत योजना, जननी सुरक्षा योजना, परिवार कल्याण कार्यक्रम और अन्य सरकारी योजनाओं को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. इसके बावजूद उनके मानदेय और प्रोत्साहन राशि का भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है.
अन्य बकाया भुगतान कराने की मांग
ज्ञापन में सभी लंबित भुगतान तत्काल जारी करने, आशा एवं आशा संगिनियों को समय पर मानदेय देने, आयुष्मान गोल्डन कार्ड, टीकाकरण, मातृ वंदना योजना और अन्य योजनाओं के बकाये का भुगतान कराने की मांग की गई है. साथ ही जिला महिला अस्पताल में कथित अवैध वसूली और दलालों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच कराने की भी मांग उठाई गई.
बड़े आंदोलन की दी चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान आशा बहुओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई और अस्पताल में कथित भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लगाया गया तो जिले भर की आशा बहुएं बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी. उन्होंने कहा कि गरीब महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी. एसीएमओ डॉ. डी.के. श्रीवास्तव ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले पर विचार करने और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है.