बाराबंकी में नए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. रंजन गौतम के कार्यभार ग्रहण करने के दौरान हुए भव्य स्वागत का मामला अब प्रशासनिक जांच तक पहुंच गया है. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया है और जांच के आदेश दे दिए हैं.
बुधवार (3 जून) को डॉ. रंजन गौतम जब नए सीएमओ के रूप में कार्यभार संभालने कार्यालय पहुंचे तो कर्मचारियों ने उनका स्वागत किसी बड़े वीआईपी की तरह किया. कार्यालय परिसर में लाल कालीन बिछाई गई और उन पर फूलों की वर्षा की गई. इस दौरान मौजूद लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया.
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वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सरकारी कार्यालय में इस तरह के स्वागत को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए. कई लोगों ने इसे वीआईपी कल्चर और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग से जोड़कर आलोचना की.
CMO बोले- मुझे पहले से कोई जानकारी नहीं थी
विवाद बढ़ने के बाद नए सीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने अपनी सफाई दी. उन्होंने कहा कि स्वागत कार्यक्रम की उन्हें पहले से कोई जानकारी नहीं थी. कर्मचारियों ने अपनी भावनाओं के चलते ऐसा किया.
उन्होंने कहा कि हम लोग जनता के सेवक हैं. हमारा काम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना है. मैं खुद भी इस तरह के वीआईपी कल्चर के खिलाफ हूं. भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं.
DM ने जताई नाराजगी, गठित की जांच कमेटी
जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में सादगी बनी रहनी चाहिए और अधिकारियों के स्वागत के नाम पर अनावश्यक दिखावा स्वीकार नहीं किया जाएगा.
डीएम ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी गई है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनपद में किसी भी अधिकारी का इस तरह तड़क-भड़क के साथ स्वागत नहीं किया जाएगा.
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अधिकारियों के काफिलों पर भी सख्ती
डीएम ने आगे कहा कि केवल स्वागत कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि अधिकारियों के बड़े-बड़े काफिलों पर भी नियंत्रण रखा जाएगा. अनावश्यक गाड़ियों के साथ चलने और दिखावे वाली व्यवस्थाओं को हतोत्साहित किया जाएगा.
जिलाधिकारी के सख्त रुख के बाद स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य सरकारी विभागों में भी हलचल बढ़ गई है. अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे यह साफ होगा कि इस पूरे आयोजन की जिम्मेदारी किसकी थी और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी.