उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में लालगंज थाना क्षेत्र के मेहनौना गांव में सोमवार की रात पुरानी जमीनी रंजिश ने ऐसा खूनी रूप अख्तियार किया, जिसने एक हंसते खेलते परिवार का सहारा हमेशा के लिए छीन लिया. जमीन की रजिस्ट्री में गवाह बनने को लेकर चल रहे विवाद में गांव के ही दबंगों ने 50 वर्षीय लक्ष्मण निषाद को रास्ते में घेरकर लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया.
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी शव को मनोरमा नदी के पुल के नीचे फेंककर फरार हो गए. इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया. आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी पक्ष के घर पर हमला कर जमकर तोड़फोड़ की, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गांव में भारी पुलिस बल और पीएसी को तैनात करना पड़ा है.
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, मेहनौना गांव निवासी लक्ष्मण निषाद (50) का गांव के ही शौरभ पाल और संजय पाल के साथ पिछले कुछ दिनों से जमीन के बैनामे में गवाह बनने को लेकर विवाद चल रहा था. सोमवार देर रात जब लक्ष्मण घर नहीं लौटे, तो परिवार में चिंता बढ़ने लगी. पति की तलाश में निकली पत्नी शुभावती जब मनोरमा नदी के पुल के पास पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. पुल के नीचे लक्ष्मण लहूलुहान और अचेत अवस्था में पड़े हुए थे. आनन-फानन में परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले जाने के लिए दौड़े, लेकिन रास्ते में ही लक्ष्मण की सांसों की डोर टूट गई.
परिवार का अकेले सहारा थे लक्ष्मण निषाद
इस पूरे हत्याकांड का सबसे मार्मिक और दर्दनाक पहलू यह है कि मृतक लक्ष्मण निषाद अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे. उनकी पत्नी शुभावती लंबे समय से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रही हैं, जिनका इलाज चल रहा है. वहीं मृतक की पांच बेटियां हैं, जिनमें से दो की शादी हो चुकी है और तीन बेटियों के पालन-पोषण व विवाह की जिम्मेदारी लक्ष्मण के कंधों पर ही थी. इस क्रूर हत्याकांड ने पूरे परिवार को बेसहारा कर दिया है. रो-रोकर बदहवास हो चुकी शुभावती बार-बार यही कह रही है कि, दबंगों ने हमारी दुनिया उजाड़ दी, अब हमारी बेटियों का सहारा कौन बनेगा?
ग्रामीणों ने आरोपियों के घर पर किया हमला
जैसे ही लक्ष्मण की मौत की खबर मेहनौना गांव पहुंची, ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में इकट्ठा हुए आक्रोशित लोगों ने कानून हाथ में लेते हुए आरोपी पक्ष के घर पर धावा बोल दिया और जमकर तोड़फोड़ की. गांव में बवाल और सांप्रदायिक/जातीय तनाव की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया.लालगंज थाने के साथ-साथ कई थानों की फोर्स और पीएसी की टुकड़ियों ने गांव में मोर्चा संभाला.तब जाकर स्थिति पर काबू पाया जा सका. फिलहाल गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और चप्पे-चप्पे पर खाकी का पहरा है.
मुख्य आरोपी फरार
लालगंज थाने की पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. घटना के बाद से ही नामजद आरोपी शौरभ पाल, संजय पाल और उनके गुर्गे घर छोड़कर फरार हैं। आरोपियों की सरगर्मी से तलाश के लिए स्थानीय पुलिस के अलावा स्वाट और क्राइम ब्रांच की टीमों को लगाया गया है. पुलिस ने शक के आधार पर कुछ करीबियों और संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है.
जल्द गिरफ्तारी का दावा
एडिशनल एसपी श्यामाकांत ने बताया कि लालगंज थाना क्षेत्र के मेहनौना गांव में जमीनी रंजिश और गवाही के विवाद को लेकर मारपीट की घटना हुई थी, जिसमें घायल लक्ष्मण निषाद की मृत्यु हो गई है. पीड़ित पक्ष की तहरीर पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है.आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं, जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे. एहतियात के तौर पर गांव में पीएसी और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.