अलीगंज सेक्टर डी में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड की भेंट चढ़े हैक्सार स्टूडियो में बड़ी खामियां मिली हैं। इसकी छत पर तार का मकड़जाल था। इनमें होने वाला फॉल्ट संचालक खुद ही दुरुस्त करता था। घटनास्थल पर मंगलवार को पहुंचे पूर्व छात्र विश्वनाथ ने बताया कि जिस तल पर स्टूडियो था, वहां पहले लाइब्रेरी थी, जो डेढ़ वर्ष पहले बंद हो गई थी। वह करीब चार वर्ष से लाइब्रेरी जा रहे थे।
इसकी पूरी छत पर तार का जाल बिछा था, जिसे छिपाने के लिए संचालक ने थर्माकोल और फाइबर से बनी आर्टिफिशियल छत बनाई हुई थी। तार में कोई भी समस्या होती थी तो वह खुद ही सही करता था। लाइब्रेरी बंद होने पर उसकी जगह हैक्सार स्टूडियो खुल गया, पर इसके संचालक ने भी लापरवाही जारी रखी।
वह भी कभी कोई फॉल्ट होने पर इलेक्ट्रीशियन को नहीं बुलाता और खुद ही मरम्मत करता था। सोमवार को हुए अग्निकांड में तार, थर्माकोल और फाइबर ने आग में घी डालने का काम किया। इन तीनों के जलने से दमघोंटू धुआं निकला।
आदित्य…उठ जा बेटा, अब हम कैसे जिएंगे
हमारा सब कुछ ले जाओ…बस मेरे बेटे आदित्य (24) को लौटा दो। आदित्य उठ जा…हम कैसे जिएंगे। लखनऊ के कोचिंग अग्निकांड में जान गंवाने वाले आदित्य श्रीवास्तव की मां कल्पना का करुण क्रंदन सुन सबका कलेजा कांप गया। मंगलवार को आदित्य का शव बिसवां पहुंचा जहां उसके ताऊ विवेक सिन्हा ने मुखाग्नि दी। गमगीन माहौल में आदित्य का मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार हुआ। मंगलवार को जैसे ही आदित्य का पार्थिव शरीर बिसवां पहुंचा। उनके आवास पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। अंतिम दर्शन के लिए नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
घर का माहौल बेहद गमगीन था। मां, बहनों और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।आलोक श्रीवास्तव ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि घर का होनहार बेटा इस तरह असमय उन्हें छोड़कर चला जाएगा। कहा कि उन्हें किसी प्रकार की आर्थिक सहायता की आवश्यकता नहीं है। सरकार की मदद से मेरा बेटा वापस नहीं आ सकता। बस इस अग्निकांड की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कार्रवाई भी कठोर हो।
प्लीज, कुछ मत पूछिए मैं बोल नहीं पाऊंगा
लखनऊ। प्लीज, कुछ मत पूछिए, मैं बोल नहीं पाऊंगा… यह कहते हुए भुवन श्रीवास्तव का गला भर आया और आंसू छलक पड़े। डालीगंज निवासी भुवन ने खिड़की से कूदकर अपनी जान तो बचा ली, लेकिन ममेरे भाई सीतापुर के बिसवां के आदित्य श्रीवास्तव की मौत के गम ने उन्हें तोड़ दिया है।
घायलों से मिले अखिलेश, बोले मिले एक करोड़ रुपये मुआवजा
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को लखनऊ अग्निकांड में घायल लोगों से ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर मुलाकात की। घायलों का हालचाल जानने के बाद उन्होंने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि यदि सुरक्षा नियमों और मानकों का पालन किया गया होता तो इतनी बड़ी दुर्घटना नहीं होती। सपा प्रमुख ने मांग की कि सभी घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाए और हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को कम से कम एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद करना सरकार की जिम्मेदारी है।
लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर का होगा अग्नि सुरक्षा निरीक्षण
अग्निकांड के बाद अब राजधानी की शिक्षण संस्थाएं, विश्वविद्यालय, महाविद्यालय और कोचिंग संस्थान नींद से जागे हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय ने अपने परिसर का अग्नि सुरक्षा निरीक्षण कराने का निर्णय लिया है। इसकी रिपोर्ट भी शासन को भेजी जाएगी। कुलपति जेपी सैनी ने कहा कि परिसर के हजारों छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने अलीगंज की घटना को गंभीर चेतावनी बताया। उन्होंने कहा कि अग्नि सुरक्षा निरीक्षण में सभी शैक्षणिक विभागों, प्रयोगशालाओं, छात्रावासों और पुस्तकालयों में सुरक्षा इंतजामों की तकनीकी समीक्षा होगी।
बेसमेंट में नहीं चलेंगे कोचिंग सेंटर और नर्सिंग होम ः योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अग्निकांड प्रदेश के लिए बड़ा सबक बताया है। कहा, इस पीड़ादायक घटना से सीख लेते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके समुचित इंतजाम करें। उन्होंने मंगलवार को शासन के अधिकारियों के साथ बैठक में प्रदेश में मिशन मोड में व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाने के निर्देश दिए। कहा, किसी भी हाल में कोचिंग सेंटर और नर्सिंग होम बेसमेंट नहीं चलेंगे। उन्होंने हर जिले में फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों, नर्सिंग होमों, मेडिकल कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग मॉल, सरकारी भवनों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच कर आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराएं। जनजागरूकता के बाद ही कार्रवाई की जाए। किसी भी नागरिक का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।
इमारत गिराने का आदेश रद्द कराने में अफसरों की भूमिका
अवैध इमारत के ध्वस्तीकरण के आदेश को 2016 में निरस्त किया गया गया था। जांच में पता चला कि तत्कालीन विहित प्राधिकारी दुर्गेश श्रीवास्तव ने आदेश निरस्त किया था। शुरुआती निर्माण को आधार बनाते हुए विहित प्राधिकारी ने ध्वस्तीकरण का आदेश निरस्त किया था और प्लॉट मालिक ने यह शपथ पत्र भी दिया था कि वह आवासीय निर्माण कर रहा है। एलडीए के जिम्मेदारों ने पलट कर नहीं देखा कि निर्माण मानचित्र के अनुरूप हुआ है या नहीं।
बेसमेंट के अलावा तीन मंजिला बिल्डिंग बन गई और उसका व्यावसायिक उपयेाग शुरू हो गया मगर एलडीए की ओर से किसी इंजीनियर या अधिकारी ने कार्रवाई नहीं की। हादसे के बाद एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने प्रकरण से जुड़ी एक-एक फाइल को खंगाला। अवैध निर्माण को रोकने में अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ने वाले अफसरों का पता किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जिस भवन का मानचित्र एकल आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत किया गया था। उसका व्यावसायिक इस्तेमाल हो रहा था।
यूपी में चला अभियान, सील किए गए अवैध कोचिंग सेंटर
अग्निकांड के बाद अलीगढ़ में शिक्षा विभाग ने तीन कोचिंग सेंटर सील कर दिए, जबकि सात कोचिंग सेंटर के संचालक छापे से पहले ताला लगाकर भाग गए। इधर, हाथरस में 14 लाइब्रेरी, कोचिंग सेंटर, कंप्यूटर सेंटर व मॉल बंद कराए गए।
कानपुर की कोचिंग मंडी कहे जाने वाले काकादेव में बेसमेंट में चल रहे 32 प्रतिष्ठान सील कर दिए। इनमें 22 कोचिंग सेंटर हैं। सहारनपुर में भी छह कोचिंग सेंटर सील किए गए। एटा जिले में अवैध रूप से संचालित डिजिटल लाइब्रेरी और कोचिंग संस्थानों का प्रशासनिक टीमों ने औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान कुल 15 कोचिंग व लाइब्रेरी संचालकों को नोटिस दिया गया।
कासगंज में भी अग्निशमन विभाग ने मंगलवार को मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) आरके तिवारी के नेतृत्व में शहर के कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों में सघन जांच की। फिरोजाबाद में होटल, रेस्तरां, कोचिंग व भवनों की चेकिंग की गई। शिकोहाबाद के मानसी रेस्तरां को खामियां मिलने पर सील कर दिया गया। 39 अन्य संस्थानों को नोटिस जारी किए गए। वहीं, मैनपुरी में भी प्रशासनिक अफसरों ने कई कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण कर 10 कोचिंग संचालकों को नोटिस जारी किया।
आगरा : मयूर कॉम्प्लेक्स में शॉर्ट सर्किट से उठा धुआं, कोचिंग में अफरा-तफरी…बाहर भागे 200 छात्र-छात्राएं
लखनऊ की घटना से आगरा के कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले छात्रों में भी दहशत है। मंगलवार सुबह भगवान टॉकीज के पास सर्विस रोड स्थित मयूर कॉम्प्लेक्स के भूतल पर बिजली के पैनल में शॉर्ट सर्किट हो गया। गार्ड के शोर मचाने पर दूसरी मंजिल पर चल रही आकाश कोचिंग में भी अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों ने आनन-फानन 200 से अधिक छात्र-छात्राओं को बाहर निकाला तो उनके चेहरों पर दहशत साफ नजर आ रही थी। बिजली सप्लाई बंद करके एमसीबी बॉक्स को ठीक किया गया। घटना सुबह करीब 10:30 बजे की है।