दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में 6 अगस्त को होने वाले 45वें दीक्षांत समारोह की तैयारियों को लेकर गुरुवार को दोपहर 12 बजे एक अहम बैठक हुई। इस दौरान कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने समारोह को भव्य और यादगार बनाने के लिए बनाई गई अलग-अलग कमेटियों क
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उन्होंने दीक्षांत से पहले कैंपस के अंदर सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक के सख्त निर्देश दिए। साथ ही बताया कि उसी दिन कैंपस में ‘मां-बेटी सम्मेलन’ का भी आयोजन होगा। बैठक में रजिस्ट्रार, फाइनेंस ऑफिसर, अकाउंट ऑफिसर, परीक्षा नियंत्रक और सभी कमेटियों के संयोजक मौजूद रहे।
बैठक में रजिस्ट्रार, फाइनेंस ऑफिसर, अकाउंट ऑफिसर, परीक्षा नियंत्रक और सभी कमेटियों के संयोजक मौजूद रहे।
सांस्कृतिक पहचान का जश्न दीक्षांत – कुलपति बैठक को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि दीक्षांत समारोह सिर्फ डिग्री या मेडल बांटने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह यूनिवर्सिटी की पढ़ाई, रिसर्च और सांस्कृतिक पहचान का जश्न है। उन्होंने सभी कमेटियों को आपस में तालमेल बिठाकर सभी काम समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
कुलपति ने बताया कि दीक्षांत समारोह के माहौल को खुशनुमा और उत्सव जैसा बनाने के लिए 27 जुलाई से ही हफ्तेभर के अलग-अलग शैक्षणिक, सांस्कृतिक और छात्र-केंद्रित कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे।
इसके साथ ही उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि यूनिवर्सिटी कैंपस में सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह से रोक रहेगी और समारोह के दौरान पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली चीजों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
दीक्षांत के बाद होगा ‘मां-बेटी सम्मेलन’ कुलपति ने बैठक में एक और बड़ी जानकारी दी कि दीक्षांत समारोह खत्म होने के बाद उसी दिन यूनिवर्सिटी कैंपस में “मां-बेटी सम्मेलन” कराया जाएगा। इस अनूठे कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संबंधित कमेटियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं और सभी तैयारियां समय से पूरी करने पर जोर दिया गया है।