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Lemon Farming: कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, नींबू की व्यावसायिक खेती किसानों के लिए बेहद मुनाफे का सौदा है. जुलाई का महीना नींबू का नया बाग लगाने के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है, क्योंकि इस मौसम में पौधों के बचने की उम्मीद 90% से ज्यादा होती है. प्रगतिशील किसान रनजोद सिंह से जानिए नींबू की खेती के फायदे, गड्ढे तैयार करने की वैज्ञानिक विधि और इससे सालाना 4 लाख रुपये तक कमाने के जरूरी टिप्स.
शाहजहांपुर: भारत में नींबू की व्यावसायिक खेती किसानों के लिए बेहद मुनाफे का सौदा साबित हो रही है. सालभर बाजार में बनी रहने वाली भारी मांग और कम लागत में बंपर उत्पादन के कारण पारंपरिक फसलों के मुकाबले यह एक बेहतरीन विकल्प है. कृषि एक्सपर्ट का कहना है कि जुलाई का महीना नींबू का बाग लगाने के लिए सबसे उपयुक्त समय है. इस मानसून सीजन में पौधों के जीवित रहने की दर 90% से अधिक होती है. अगर आप भी इस सीजन में नींबू का बाग लगाकर अपनी आमदनी बढ़ाना चाहते हैं, तो कुछ वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर बंपर पैदावार हासिल कर सकते हैं.
प्रगतिशील युवा किसान रनजोद सिंह ने बताया कि नींबू एक दीर्घकालिक फसल है, जो रोपण के 3 साल बाद व्यावसायिक रूप से फल देना शुरू कर देती है. जुलाई में वर्षा जल मिलने से पौधों की जड़ें मिट्टी में तेजी से स्थापित होती हैं. बाग लगाते समय उन्नत किस्मों जैसे कागजी नींबू या साईं शर्बती का ही चुनाव करें. ध्यान रहे कि गड्ढों में जलभराव न हो, क्योंकि नींबू की जड़ें ज्यादा पानी के प्रति संवेदनशील होती हैं. शुरुआत में सही पोषण और कटाई-छंटाई पर ध्यान देकर आप प्रति एकड़ सालाना 3 से 4 लाख रुपये तक का शुद्ध मुनाफा आसानी से कमा सकते हैं.
नींबू का बाग लगाने के मुख्य फायदे
नींबू की खेती का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह पौधा एक बार लगाने के बाद लगभग 20 से 25 वर्षों तक लगातार फल देता है. इसकी मांग हर मौसम में बनी रहती है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव का इस पर कम असर पड़ता है. नींबू की फसल जंगली जानवरों से पूरी तरह सुरक्षित रहती है क्योंकि इसके कांटे और खट्टापन उन्हें दूर रखते हैं. कम पानी वाले क्षेत्रों और पथरीली जमीनों पर भी इसकी सफल खेती करके किसान अपनी बंजर भूमि से बेहतरीन मुनाफा कमा सकते हैं.
बाग लगाते समय ध्यान रखने योग्य बातें
नींबू का बाग लगाने से पहले जल निकासी की उत्तम व्यवस्था वाली बलुई दोमट मिट्टी का चयन करना चाहिए. खेत का पीएच (pH) मान 5.5 से 7.5 के बीच होना सबसे अच्छा माना जाता है. दो पौधों और दो लाइनों के बीच कम से कम 15 से 18 फीट की दूरी अवश्य रखें, ताकि भविष्य में पौधों को पर्याप्त धूप और हवा मिल सके. हमेशा किसी प्रमाणित सरकारी नर्सरी से ही रोगमुक्त और ग्राफ्टेड पौधे खरीदें, ताकि वे जल्दी और गुणवत्तापूर्ण फल दे सकें.
जुलाई में पहले से तैयार गड्ढों में पौध रोपण
अगर आपने गर्मियों में ही 2x2x2 फीट के गड्ढे खोदकर उन्हें धूप में सुखा लिया है, तो जुलाई में रोपण करना बहुत आसान हो जाता है. इन गड्ढों में सड़ी हुई गोबर की खाद, नीम की खली और ट्राइकोडर्मा पाउडर मिलाकर मिट्टी भर दें. अब गड्ढे के ठीक बीच में पौधे की पिंडी के आकार की जगह बनाकर उसे सावधानी से लगाएं. रोपाई करते समय ध्यान रखें कि ग्राफ्टेड हिस्सा मिट्टी से कम से कम 6 इंच ऊपर रहे, वरना पौधा सड़ सकता है.
पौधों की अच्छी ग्रोथ और देखभाल के उपाय
शुरुआती महीनों में पौधों की तेज ग्रोथ के लिए नियमित लेकिन संतुलित सिंचाई बेहद जरूरी है. खरपतवारों को रोकने और नमी बनाए रखने के लिए पौधों के तनों के चारों ओर मल्चिंग का प्रयोग करें. हर तीन महीने में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश के साथ सूक्ष्म पोषक तत्वों का छिड़काव करें. शुरुआत में मुख्य तने को सीधा बढ़ने दें और नीचे से निकलने वाली अनावश्यक शाखाओं को समय-समय पर काटते रहें, जिससे पौधे का आकार मजबूत बनेगा.
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सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें