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Amethi News: अमेठी का इतिहास और यहां के तोपों की कहानी काफी रोचक है. एक समय था कि इन्हीं तोप को लेकर अवध के कमिश्नर ने भी राजा को पत्र लिखा था. आज भी जब अमेठी के ऐतिहासिक तोंप की बात आती है, तो अमेठी का नाम इतिहास के पत्थरों में दर्ज होता है.
अमेठी: 966 ईस्वी में महाराज सोंढ देव की ओर से स्थापित अमेठी रियासत का रोचक इतिहास है. इसी अमेठी की तोपों का भी रोचक इतिहास था. उन तोपों के बल पर ही बड़े-बड़े धुरंधर और ब्रिटिश हुकूमत के सैनिक भी अपने कदम पीछे खींच लेते थे. एक समय था कि इन्हीं तोप को लेकर अवध के कमिश्नर ने भी राजा को पत्र लिखा था. आज भी जब अमेठी के ऐतिहासिक तोंप की बात आती है, तो अमेठी का नाम इतिहास के पत्थरों में दर्ज होता है.
अवध के कमिश्नर ने लिखा था पत्र
अमेठी और उस समय सुल्तानपुर के ऐतिहासिक गजेटियर का जिक्र आज भी ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है. अवध के कमिश्नर जी कपूर ने 3 सितंबर 1856 को अमेठी के राजा लाल माधव सिंह को पत्र लिखा कि फैजाबाद संभाग मंडल के भरथीपुर रामनगर और महोना किले में हमारी पुलिस को प्रवेश करने नहीं दिया गया. गवर्नर जनरल को कमिश्नर ने यह भी बताने का प्रयास किया कि अमेठी के राजा लाल माधव सिंह का आचरण और व्यवहार अच्छा है. उन्होंने गोल्डेनी को तोप सौंप दी है. इस पर उन्हें गोल्डेनी की तरफ से सम्मानित किया जाएगा.
तालुकदारों की संपत्ति रखी जाए सुरक्षित
इसके साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि राजा लाल माधव सिंह हमारे विरुद्ध हो गए हैं. राजा मानसिंह की तरह उन्हें भी विश्वास में लेना आवश्यक है. सभी तालुकदारों की संपत्ति उनके पास सुरक्षित रखी जाए, ताकि वे उसे सुरक्षित संभालकर रखें. इसके साथ ही राजा लाल माधव सिंह अमेठी को विश्वास दिलाया जाए कि उनकी संपत्ति में कोई भी हस्तक्षेप हेनरी लॉरेंस और अन्य ब्रिटिश हुकूमत की सेना का नहीं होगा.
अमेठी की तोप का रोचक का था इतिहास
अमेठी में राज परिवार से जुड़े और जानकार राजेंद्र प्रसाद शुक्ला अमरेश बताते हैं कि 966 ई. का इतिहास अमेठी में रोचक है. उन्होंने कहा कि अमेठी की तोप से अंग्रेजी हुकूमत के ब्रिगेडियर भी भय खाते थे. अमेठी की तोप से एक बार में बड़े-बड़े युद्ध जीत लेती थी. अमेठी के राजा लाल माधव सिंह न सिर्फ प्रतापी राजा थे, बल्कि अपनी प्रजा के प्रति समर्पित भी थे. उन्होंने कहा कि राज परिवार का इतिहास 966 ईस्वी से शुरू होता है और आज के इतिहास में भी अमेठी का स्वर्णिम इतिहास है, जो युगों-युगों तक याद किया जाएगा.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ल…और पढ़ें