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How to Protect Mango Crop in Summer: 45 डिग्री के पार पहुंच चुके तापमान और भयंकर गर्मी ने आम उत्पादक किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. तेज धूप और लू के थपेड़ों के कारण बागों में लदे आम मुरझाकर फटने लगे हैं, जिससे पूरी फसल खराब होने और किसानों को भारी नुकसान होने का खतरा मंडरा रहा है. इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए कृषि एक्सपर्ट्स और जिला उद्यान अधिकारी हरिशंकर राम ने आम की फसल को बचाने के उपाय बताए हैं. वैज्ञानिकों के अनुसार, सही समय पर पोटेशियम सल्फेट, जिंक सल्फेट और बोरान के छिड़काव के साथ-साथ पेड़ों पर चूने का लेप लगाकर आम को बर्बादी से बचाया जा सकता है.
How to Protect Mango Crop in Summer: मौसम में लगातार बढ़ते तापमान और तेज धूप का सीधा असर अब इंसानों और जानवरों के साथ-साथ पेड़-पौधों पर भी साफ देखने को मिल रहा है. इस समय रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के चलते किसानों को खेती-किसानी में कई बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. खेतों में लगी फसलें और बागों में लगे पेड़ों पर लदे फल जहां एक तरफ झुलसकर मुरझा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर तेज धूप की वजह से उनके सूखने का खतरा भी लगातार मंडरा रहा है. यह गंभीर समस्या इस समय सबसे ज्यादा आम के बागों में देखने को मिल रही है. अधिक धूप और गर्मी के कारण आम के फल बीच से फटने लगे हैं, जिससे पूरी फसल खराब होने और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की नौबत आ गई है.
आम के फल फटने के कारण और इलाज
बागों में आम के फलों के फटने के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण होते हैं. पहला कारण हवा में बढ़ती गर्मी और लगातार बढ़ता तापमान है, जबकि दूसरा कारण बागों में अत्यधिक जल जमाव होना है. इस समस्या से निपटने के लिए किसानों को सबसे पहले अपने बागों में जल भराव की स्थिति को रोकना होगा. इसके अलावा फल फटने की समस्या को पूरी तरह रोकने के लिए किसान भाई अपने बागों में बोरान का छिड़काव कर सकते हैं. बोरान के इस्तेमाल से आम के फलों का फटना काफी हद तक कम हो जाता है. किसान भाई समय रहते इन उपायों को अपनाकर अपनी मेहनत की फसल को सुरक्षित रख सकते हैं और खुद को बड़े आर्थिक संकट से बचा सकते हैं.
कीड़ों से फसल को सुरक्षित रखने के उपाय
अत्यधिक गर्मी के साथ-साथ अगर इस मौसम में पेड़ों और फलों पर कीट यानी कीड़े लगने की समस्या आ रही है, तो इससे भी तुरंत बचाव करना बहुत जरूरी है. इसके लिए किसानों को आम के पेड़ के तने पर, जड़ों के पास से लेकर लगभग दो से तीन फीट की ऊंचाई तक चूने का गाढ़ा लेपन करना चाहिए. चूने का लेप लगाने के बाद उस हिस्से को प्लास्टिक की पन्नी से अच्छी तरह लपेट देना चाहिए. ऐसा करने से पेड़ों में नीचे से चढ़ने वाले कीट और वर्म का प्रकोप पूरी तरह रुक जाता है और पेड़ पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं.
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सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें