जेल में बंद सजायाफ्ता कैदी का पुलिस सुरक्षा में निकाह होना बेहद दुर्लभ घटना है, लेकिन मेरठ के दौराला क्षेत्र में सोमवार को ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. दिल्ली में 6 लोगों की बेरहमी से हत्या के दोषी वाजिद ने तिहाड़ जेल से 10 घंटे की पैरोल पर आकर पुलिस कस्टडी में निकाह किया. दिल्ली पुलिस की टीम सोमवार सुबह वाजिद को लेकर मेरठ के दौराला पहुंची. कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे समोली गांव ले जाया गया। यहां सीमित रिश्तेदारों और कुछ लोगों की मौजूदगी में युवती यासमीन के साथ उसका निकाह कराया गया.
निकाह के दौरान पूरे गांव में भारी पुलिस बल तैनात रहा. हर गतिविधि पर सख्त नजर रखी गई. कार्यक्रम पूरा होते ही पुलिस टीम वाजिद को वापस तिहाड़ जेल ले गई. यह पूरा मामला गांव में चर्चा का विषय बन गया है. लोग हैरानी जता रहे हैं कि 6 लोगों की हत्या जैसे जघन्य अपराध में सजा काट रहे व्यक्ति को निकाह के लिए पैरोल कैसे दी गई.
आर्थिक संकट से जूझ रहे ‘मोहम्मद दीपक’, 5 महीनों से नहीं दिया किराया, GYM बेचने को मजबूर
वाजिद ने पूरे परिवार को मार डाला था
बता दें कि वाजिद दिल्ली के चर्चित 6 लोगों की हत्या मामले में दोषी है. इस मामले में दिल्ली के फर्नीचर कारोबारी मुनव्वर, उनकी पत्नी, दो बेटियों और दो बेटों की निर्मम हत्या की गई थी. जांच में पता चला था कि कारोबारी का नौकर वाजिद अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था. हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शवों को अलग-अलग जगहों पर छिपाया गया था. मुनव्वर और उनके दो बेटों के शव फ्लैट में गड्ढा खोदकर दबाए गए, जबकि पत्नी और बेटियों के शव मेरठ की काली नदी में फेंके गए थे.
10 सालों से जेल में बंद है वाजिद
पुलिस ने कई दिनों की छानबीन के बाद मामले का खुलासा किया और आरोपियों को गिरफ्तार किया. अदालत ने वाजिद को दोषी करार देते हुए लंबी सजा सुनाई थी. वह पिछले करीब 10 वर्षों से तिहाड़ जेल में बंद है. इस घटना ने कानूनी और सामाजिक दोनों स्तर पर बहस छेड़ दी है कि गंभीर अपराधियों को पैरोल पर छोड़ने की प्रक्रिया कितनी उचित है.