उत्तर प्रदेश में बेसिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा विभाग के लाखों शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों आदि को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का इंतजार बढ़ता जा रहा है। सीएम की घोषणा के लगभग आठ महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी इसकी तैयारियां पूरी नहीं हो पा रही हैं।