कानपुर में बीटेक और बीसीए करने वाले छात्र-छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य पर छत्रपति शाहूजी महाराज विवि ने अध्ययन किया है। इसमें पता चला कि जिन छात्रों का अध्यात्म की ओर रुझान है, उनमें पढ़ाई के दौरान उपजने वाली चिंता (एंजाइटी), तनाव, भावनात्मक असंतुलन और मानसिक दबाव बहुत कम है।
अध्ययन रिपोर्ट में बताया गया कि आध्यात्मिक बुद्धिमत्ता से चिंता कम होने से छात्रों में आत्महत्या की प्रवृत्ति नहीं पैदा होगी और अवसाद से बचेंगे। यह अध्ययन इंटरनेशनल जर्नल ऑफ इंडियन साइकोलॉजी में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन शिक्षा विभाग के सहायक आचार्य डॉ. विमल सिंह की देखरेख में शोध छात्रा शुभी रस्तोगी ने किया है।