उधम सिंह नगर की विधानसभा गदरपुर चुनाव से पहले फिर से उत्तराखंड की सियासत के केंद्र पर है, क्योंकि बीते रोज बीजेपी के कद्दावर नेता व मीडिया प्रभारी व सांसद अनिल बलूनी गदरपुर अरविंद पांडेय के आवास पर पहुंचे. आज (26 मई) पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी अरविंद पांडेय के आवास पर पहुंचे. इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गरमा गया है.
उधम सिंह नगर के गदरपुर से बीजेपी विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय के आवास पर लगातार बड़े नेताओं की आवाजाही ने सियासी चर्चाएं बढ़ा दी हैं. अपनी सरकार को घेरने वाले विधायक अरविंद पांडेय अक्सर सुर्खियों में रहते हैं. मगर, उनके आवास पर राष्ट्रीय स्तर के नेताओं का पहुंचना बहुत कुछ इशारा भी कर रहा है.
सांसद अनिल बलूनी के बाद पूर्व सीएम ने की भेंट
दरअसल, बीते रोज बेहद ही गोपनीय तरीके से पौड़ी गढ़वाल से सांसद अनिल बलूनी उनके निवास पहुंचे, जहां बंद कमरे में करीब आधे घंटे तक दोनों नेताओं के बीच बातचीत चली. उनके जाने के एक ही दिन बीतने के बाद आज पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत भी अरविंद पांडेय के आवास पहुंचे. दोनों नेताओं के बीच हुई लंबी मुलाकात के बाद पूरे गदरपुर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं.
दो वर्षों में कई विवादों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं अरविंद पांडेय
माना जा रहा है कि 2027 चुनाव को देखते हुए बीजेपी के भीतर रणनीतिक बैठकों का दौर शुरू हो चुका है. हालांकि इन मुलाकातों को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई बयान सामने नहीं आया है. आपको बता दें कि पिछले दो वर्षों में विधायक अरविंद पांडेय कई विवादों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं. कभी जमीन विवाद, तो कभी भू-माफिया से जुड़े आरोपों को लेकर उनका नाम चर्चा में रहा तो कभी अपनी सीबीआई जाँच को लेकर पत्राचार करना.
विधायक के बेटे पर भी लग चुके हैं कई आरोप
वहीं उनके बेटे पर भी कई आरोप लगे, जबकि उनके आवास पर सरकारी जमीन कब्जाने के आरोपों ने भी राजनीतिक माहौल को गर्माया था. अब लगातार बड़े नेताओं की मुलाकातों के बाद क्षेत्र में यह चर्चा तेज हो गई है कि कहीं 2027 का चुनाव बीजेपी के लिए भारी न पड़ जाये.. कुल मिलाकर जानकरो के माने तो बीजेपी दो गुटों में बटती हुई नज़र आ रही है.