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Varanasi Ropeway: वाराणसी में सड़क और जलमार्ग के अलावा जल्द ही लोग आसमान से भी काशी का नजारा देख सकेंगे. इसके लिए वाराणसी में देश का पहला अर्बन रोपवे ट्रांसपोर्ट बनाया गया है.अगस्त महीने में इसके निर्माण का काम भी पूरा हो जाएगा. उसके बाद यात्री इससे सफर कर पाएंगे. फिलहाल रोपवे का 92 फीसदी काम पूरा हो गया है.
एक ओर रोपवे का काम जहां तेजी से किया जा रहा है तो दूसरी तरफ शासन ने इसका किराया भी तय कर दिया है. रोपवे के दो स्टेशन के बीच सफर के लिए काशी वासी और यहां आने वाले पर्यटकों को सिर्फ 10 रुपये ही खर्च करने होंगे. वहीं कैंट से गोदौलिया तक का सफर 50 रुपये में होगा.

वाराणसी में 4 किलोमीटर लंबे रोपवे के लिए कुल 5 स्टेशन बनाएं गए है. इनमें कैट, विद्यापीठ, रथयात्रा, गिरजाघर और गोदौलिया शामिल है. फिलहाल 3 स्टेशन का निर्माण काम पूरा हो चुका है. गोदौलिया और गिरजाघर स्टेशन का काम भी तेजी से जारी है. इन दोनों स्टेशन का करीब 78 फीसदी काम पूरा हो चुका है. बाकी बचे काम को भी अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

कैंट से रथयात्रा के बीच रोपवे ट्रांसपोर्ट के ट्रायल का काम भी पूरा हो चुका है. वहीं स्टेशन भी पूरी तरह से तैयार है. इन स्टेशन को काशी के थीम पर बनाया गया है. जिसमें गंगा घाट, त्रिशूल और बेलपत्र सहित अन्य कई चींजों की झलक देखने को मिल रही है.
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इसके अलावा रोपवे का गंडोला (ट्राली) भी काशी के थीम पर है. जिसमें घाटों की तस्वीर आपको नजर आएगी. एक गंडोला में 10 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है. यानी हर घण्टे इस रोपवे ट्रांसपोर्ट से 6000 यात्री कैंट से गोदौलिया का सफर कर पाएंगे. वीडीए के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने बताया कि हर दिन 16 घण्टे रोपवे का संचालन होगा.

यानी पूरे दिन में करीब 90 हजार से 1 लाख यात्रियों को इसका फायदा मिलेगा और वो इससे सफर भी कर पाएंगे.बड़ी बात यह भी है कि इसके शुरुआत के बाद काशी के सड़को पर जाम का दबाव भी कम होगा. क्योंकि बनारसी भी इसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तौर पर यूज करेंगे.

एक आंकड़ें के मुताबिक, इस रोपवे ट्रांसपोर्ट की शुरुआत के बाद कैंट से गोदौलिया पहुंचने में महज 15 मिनट का वक्त लगेगा. फिलहाल सड़क मार्ग से अभी इसके सफर में 35 से 45 मिनट तक का वक्त लगता है. लेकिन रोपवे के शुरुआत के बाद यह राह काफी आसान होगा.

सबसे ज्यादा फायदा काशी विश्वनाथ मंदिर जानें वाले श्रद्धालुओं को होगा. वो बिना जाम में फंसे आसमान से काशी को निहारतें हुए सफर से बाबा के धाम पहुंचेंगे. बताते चलें कि काशी विश्वनाथ मंदिर में हर दिन 80 हजार से 1 लाख 20 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए आतें है.

वाराणसी में 4 किलोमीटर लंबे बने इस रोपवे पर सरकार ने 807 करोड़ रुपये खर्च किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी आधारशिला को रखा था और अब रिकॉर्ड समय में इसके निर्माण का काम भी पूरा किया जा रहा है. माना जा रहा है अगस्त महीने में इसके निर्माण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे.