राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच के बाद 6 आरोपियों पर केस दर्ज करने की बात कही गई है. इसको लेकर अब विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार का बड़ा बयान आया है. आलोक कुमार का कहना है कि पहले तथ्यों की जांच करनी जरूरी थी इसलिए SIT जांच कराई गई थी. अब जांच के बाद लगता है कि FIR दर्ज करने की जरूरत लग रही है.
इतना ही नहीं, आलोक कुमार ने यह भी कहा है कि कोई कितना भी बड़ा क्यों न हो, अगर दोषी पाया जाएगा तो उसपर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी. उन्होंने कोर्ट से यह भी मांग की है कि जल्द से जल्द जांच पूरी करने के बाद अदालत डे-टू-डे सुनवाई करके 4 महीने के अंदर अपना फैसला सुनाए.
‘हिंदुओं की आस्था को ठेस’- आलोक कुमार
विहिप अध्यक्ष का कहना है कि राम मंदिर चंदा चोरी मामले से दुनियाभर में हिंदुओं की आस्था पर ठेस पहुंची है. जो भी जितना भी बड़ा हो, अगर दोषी है तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए.
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चंपत राय के इस्तीफे की बात पर क्या बोले आलोक कुमार
वहीं, चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की बात पर आलोक कुमार ने कहा, “मुझे विश्वास है, समय आने पर वो इस पर विचार करेंगे. चंपत राय और अनिल मिश्रा को मैं जानता हूं.”
सपा-कांग्रेस पर आलोक कुमार का हमला
राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर विपक्षी दल समाजवादी पार्टी और कांग्रेस द्वारा सवाल उठाए गए और सत्तारूढ़ बीजेपी पर हमलावर रहे. सपा-कांग्रेस के सवालों पर आलोक कुमार ने कहा, “एक पार्टी ने रामभक्तों पर गोली चलवाई एक पार्टी ने कोर्ट में कहा राम तो काल्पनिक हैं. इन लोगों को ना भगवान राम से मतलब है ना राम मंदिर से और ना ही राम जन्मभूमि है. ये 2027 के विधानसभा चुनावों के चलते मुद्दा उठा रहे हैं.”
आलोक कुमार ने दावा किया कि वे खुद राम मंदिर के लिए सपा-कांग्रेस के नेताओं को बुलावा देने गए थे लेकिन वे आए नहीं. आलोक कुमार ने कहा, “उसके बाद भी मैं यही कहूंगा कि भारत में धोबी की शिकायत की भी सुनवाई होती है. जो भी दोषी हो उनको छोड़ा नहीं जाए. साथ ही, ऐसी व्यवस्था भी की जाए ताकि आगे ऐसा कुछ न हो.”
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