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अयोध्या स्थित तीर्थ क्षेत्र में दानपात्रों को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को गंभीरता से लेते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विशेष जांच दल गठित किए जाने का अनुरोध किया था. ट्रस्ट के अनुसार अफवाहों पर रोक लगाने और मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए इसकी गहन जांच आवश्यक है. यह तीर्थ क्षेत्र की छवि और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को चोट पहुंचाने की गहरी साजिश है, जिसका पर्दाफाश होना बेहद जरूरी है.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच रहेगी जारी.
लखनऊः अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी की टीम ने मंगलवार को शासन को रिपोर्ट सौंप दी. एसीएस गृह सचिव संजय प्रसाद को टीम ने जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी है. एसआईटी के प्रमुख विजय विश्वास पंत ने न्यूज18 से एक्सक्लूसिव बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा कि यह अभी प्रारंभिक रिपोर्ट है. मामले की जांच जारी रहेगी और 15 दिन में सरकार को फाइनल रिपोर्ट सौंपी जाएगी. इसके अलावा उन्होंने कहा कि अगर और तथ्य सामने आते हैं तो हम सरकार से समय मांगेंगे. वहीं जब रिपोर्ट के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यह गोपनीय जांच रिपोर्ट है. प्रारंभिक जांच आख्या है, जिसे हमने सरकार को सौंपा है. हमने अपने दौरे में जो फाइंडिंग पाई है वह सरकार को सौंपा है.
मंगलवार को SIT ने सौंपी रिपोर्ट
अयोध्या में राम मंदिर दान के वित्तीय प्रबंधन में कथित हेराफेरी की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को उप्र सरकार के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को अपनी प्रारंभिक प्रतिवदेन रिपोर्ट सौंप दी. जांच दल का नेतृत्व कर रहे एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी. एसआईटी के अध्यक्ष और लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने पत्रकारों को बताया ‘आज हमने शासन द्वारा गठित तीन सदस्यीय एसआईटी की जांच रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) को सौंपी है. यह एक प्रारंभिक प्रतिवेदन है और उसी क्रम में आज इसे अपर मुख्य सचिव को सौंप दिया गया है.’
13 जून को गठित हुई थी SIT की टीम
गबन से जुड़े सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि यह एक गोपनीय जांच हैं और उसे बताने के लिए हम इस समय अधिकृत नहीं हैं. उन्होंने कहा कि जो हमारी जांच थी, वह हमने उपलब्ध करा दिया है. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और दान राशि से संबंधित आरोपों की जांच के लिए 13 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया. अधिकारियों ने बताया था कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसआईटी गठित की गई. यह दल तीर्थ क्षेत्र में दानपात्रों के संबंध में लगाए जा रहे आरोपों की जांच कर सरकार को अपनी रिपोर्ट देगा.
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Prashant Rai am currently working as Chief Sub Editor at News18 Hindi Digital, where he lead the creation of hyper-local news stories focusing on politics, crime, and viral developments that directly impact loc…और पढ़ें