उन्नाव में करोड़ों की लागत से तैयार कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किनारों की मिट्टी लोकार्पण से पहले ही बह गई, इसके साथ ही कई जगह फेंसिंग क्षतिग्रस्त हो गई और साइड सपोर्ट का निर्माण प्रभावित दिखाई दिया. जब इस बारे में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि ‘इसमें कौन सी नई बात है.’ वहीं, मंत्री के बयान पर कांग्रेस ने हमला बोला है.
दरअसल, उन्नाव में बारिश ने विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का अभी औपचारिक लोकार्पण भी नहीं हुआ है, उसके कई हिस्सों में बारिश के बाद साइड सपोर्ट की मिट्टी बह गई. कई स्थानों पर सुरक्षा फेंसिंग कट गई है. इधर राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर भी लगभग दो वर्ष पहले बनी सड़क कई स्थानों पर उखड़ती नजर आई. इतना ही नहीं, ओवरब्रिज पर लोहे के गाटर भी दिखाई देने लगे, जिससे निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए.
निर्माण की गुणवत्ता के सवाल पर मंत्री ने क्या कहा?
जब निर्माण की गुणवत्ता को लेकर मंत्री दिनेश प्रताप सिंह से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा ” कौन सी नई बात आप कह रहे हो? आप अपने आप सड़क बना लो. अगर सड़क बनती है, कभी टूटती भी है, कभी खराब भी होती है, कभी मरम्मत भी होती है. यह सतत चलने वाली प्रक्रिया है. ऐसा नहीं है कि कई जगह भ्रष्टाचार हुआ है. बारिश में कितनी भी अच्छी सड़क बने, थोड़ा बहुत नुकसान होता है. बारिश के बाद जहां भी सड़क टूटी होगी, उसे ठीक करा लिया जाएगा.”
मंत्री के बयान पर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर बोला
मंत्री के इस बयान पर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर हमला बोला है. यूपी कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट के जरिेए सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस ने लिखा कि जनता के टैक्स के पैसों पर ऐश करने वाले मंत्री यह कह रहे हैं कि “आप अपने आप सड़क बना लो.” कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि सड़क बनाने का काम भी जनता को ही करना है तो फिर जनता से भारी-भरकम टैक्स क्यों लिया जाता है? कांग्रेस ने सरकार के भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के दावों पर भी सवाल उठाए और जवाब मांगा.
विभाग की टूटी नींद
वहीं कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर जिन स्थानों पर साइड सपोर्ट की मिट्टी बह गई थी, वहां दोबारा मिट्टी भराई गई और क्षतिग्रस्त फेंसिंग को भी ठीक कराया गया. विभागीय टीमें मशीनों और मजदूरों के साथ मौके पर पहुंचीं और तेजी से मरम्मत कार्य कराया गया ताकि निर्माण की खामियों को दूर किया जा सके.
अयोध्या में CM योगी बोले- हनुमानगढ़ी में पढ़वाई थी नमाज, जामा मस्जिद में हनुमान चालीस कराएंगे?