कौशांबी के मंझनपुर मुख्यालय स्थित ओसा के श्री दुर्गादेवी संस्कृत विद्यालय में रविवार को 101 बटुक ब्रह्मचारियों का सामूहिक यज्ञोपवीत (जनेऊ) संस्कार वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। इंद्रजीत नाथ शुक्ल के संयोजन में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, अभिभावकों और गणमान्य लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रयागराज के वरिष्ठ ज्योतिषविद एवं भागवताचार्य डॉ. एन.एन. मिश्र ने यज्ञोपवीत संस्कार को भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण अंग बताते हुए कहा कि यह संस्कार बच्चों को ज्ञान, अनुशासन और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का माध्यम है। डॉ. शम्भूनाथ त्रिपाठी ने भी वैदिक परंपराओं की महत्ता पर अपने विचार रखे। कई राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु आयोजन में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु और अभिभावक शामिल हुए। वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा विद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। 1500 श्रद्धालुओं ने किया प्रसाद ग्रहण विद्यालय के वरिष्ठ आचार्यों और शिक्षकों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के समापन पर आयोजित विशाल भंडारे में करीब 1500 श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। छात्रों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन समापन समारोह में विद्यालय के छात्रों ने सांस्कृतिक और वैदिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें उपस्थित लोगों ने सराहा। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, धार्मिक आस्था और भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा की झलक देखने को मिली।
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कौशांबी में 101 बटुक ब्रह्मचारियों का यज्ञोपवीत संस्कार संपन्न:देश के कई राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु, भंडारे में 1500 लोगों ने ग्रहण किया प्रसाद