मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, अयोध्या अपनी पहचान के लिए सपा की मोहताज नहीं है। उसकी अपनी वैश्विक पहचान है। यदि अखिलेश सचमुच खुद को धार्मिक कहलाने का प्रयास कर रहे हैं, तो उनमें हिम्मत होनी चाहिए कि वे मथुरा व वृंदावन पर खुलकर बोलें और कहें कि श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति का अभियान भी चलना चाहिए। श्रीकृष्ण की जन्मभूमि को भी वही गौरव व सम्मान मिलना चाहिए।
सीएम योगी रविवार को हाथरस के सलेमपुर में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 548 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव बयान दे रहे हैं कि उनकी सरकार बनने पर अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाएंगे। वे क्या अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाएंगे, उनको अपना इतिहास देखना चाहिए। रामभक्तों पर गोली उनकी ही सरकार ने चलवाई थी। अयोध्या अपनी पहचान के लिए किसी दल या सपा की मोहताज नहीं है। अयोध्या की अपनी एक महान पौराणिक और वैश्विक पहचान है, जिसे पूरी दुनिया सराह रही है। अयोध्या को रामभक्तों ने सजा और संवार दिया है, आप उसकी चिंता छोड़िए। पहले अपने कर्मों का पश्चाताप करिए और एक बार रामलला के दर्शन कर आइए, जिससे कम से कम सद्बुद्धि आ सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और रामभक्तों के पुरुषार्थ से आज अयोध्या त्रेतायुग जैसी भव्यता का स्मरण करा रही है, जिसे देखकर अब सपा प्रमुख के मुंह में पानी आने लगा है। उन्होंने कहा, सपा के पुराने कार्यकाल में थानों और जेलों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजनों पर रोक लगा दी गई थी। कांवड़ यात्राओं को प्रतिबंधित किया जाता था।
अखिलेश यादव पर हमला जारी रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा प्रमुख में इतनी हिम्मत नहीं है, क्योंकि उन्होंने वोट बैंक की राजनीति के लिए मौलवियों के आगे घुटने टेक दिए हैं। विपक्ष के पास प्रदेश के विकास या अयोध्या, काशी और मथुरा के उत्थान के लिए कोई सकारात्मक एजेंडा नहीं है। इस समय विपक्ष की हालत खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे जैसी हो गई है।
कुछ लोगों के लिए देश से पहले चंदा
वहीं, अखिलेश यादव ने रविवार को राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ी के मामले को लेकर फिर उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा और कहा, कुछ लोगों के लिए देश से पहले चंदा आता है। राज्य सरकार पर तंज कसते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बार-बार अयोध्या जाने के बावजूद इन कथित गड़बड़ियों पर किसी का ध्यान क्यों नहीं गया। यादव ने कहा, मुख्यमंत्री, जो अयोध्या जाने का विश्व रिकॉर्ड बना रहे थे, उन्हें वहां जाने के बाद भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। इसीलिए यह कहावत बनी है – चिराग तले अंधेरा। वह कितनी बार वहां गए, फिर भी उन्हें इसकी कोई खबर नहीं… यह सरकार की जवाबदेही का मामला है।