समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के 53वें जन्मदिन के अवसर पर सैफई में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने अपने आवास के पास पार्टी नेताओं, विधायकों और कार्यकर्ताओं के साथ 53 अमलतास के पौधे लगाकर जन्मदिन मनाया. इस मौके पर एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत में प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि मंदिर के चढ़ावे के मामले में केवल चंपत राय ही नहीं, बल्कि’बड़े-बड़े लोग’ भी शामिल हैं.
रामगोपाल यादव ने कहा कि देश के कई बड़े मंदिरों में चढ़ावे के सोने-चांदी का पूरा रिकॉर्ड रखा जाता है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि तिरुपति मंदिर में चढ़ाए गए सोने को गलाकर सिक्के और लॉकेट बनाए जाते हैं और पूरी प्रक्रिया का हिसाब-किताब दर्ज होता है. उन्होंने एबीपी न्यूज़ के कैमरे पर तिरुपति मंदिर का एक सोने का लॉकेट भी दिखाया.
उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर के चढ़ावे में सोने-चांदी का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड सामने नहीं आया है. उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान जब लोग चंदा एकत्र कर रहे थे, तब उनके घर भी चंदा लेने लोग आए थे और उन्होंने भी योगदान दिया था, लेकिन उस चंदे का कोई हिसाब-किताब नहीं है.
राज्यसभा सांसद ने कहा कि आंदोलन के दौरान नेताजी मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे. आंदोलन के दौरान ईंटे पूजा गई थी. हम आंदोलन के पक्ष में नहीं थे लेकिन मेरे घर भी लोग चंदा मांगने आए थे हम लोगों ने भी उसे समय चंदा दिया था. उसका कोई हिसाब किताब नहीं है.
रामगोपाल यादव ने कहा,’चंदा चोरी और सीना जोरी नहीं चलेगी.’