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Kanpur Kabrai Greenfield Highway : उत्तर प्रदेश को लगातार विकास का तोहफा मिलता जा रहा है. कभी जेवर एयरपोर्ट तो कभी कोई एक्सप्रेसवे…अब एक औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. 117.5 किलोमीटर लंबा कानपुर-कबरई एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे बनने वाला है. इसकी वजह से 93 गांवों की किस्मत चमकने वाली है.
कानपुर-कबराई ग्रीनफील्ड हाईवे की पूरी डिटेल. (एआई इमेज)
Kanpur News: उत्तर प्रदेश में एक ऐसा हाईवे बनने जा रहा है, जिससे यूपी टू भोपाल की दूरी भी कम हो जाएगी. हम बात कर रहे हैं कानपुर से कबरई (महोबा) तक 117.7 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड हाईवे की. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) किसी भी तरह की कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहता है. इसलिए बिना देरी किए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है. एनएचएआई ने हमीरपुर और महोबा के जिलाधिकारियों को थ्री-डी की अधिसूचना का प्रस्ताव भेज दिया है. साथ ही कानपुर नगर और कानपुर देहात के लिए थ्री-डी प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है.
कितनी लागत से बन रहा हाईवे?
कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाइवे को 4 लेन में तैयार किया जाएगा. मगर, भविष्य में इसे 6 लेन तक विस्तार देने की योजना है. इसमें 117.70 किलोमीटर का ग्रीनफील्ड डेवलपमेंट और 123.86 किलोमीटर का ब्राउनफील्ड ऑपरेशन और मेंटेनेंस शामिल है. यह प्रोजेक्ट ‘बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर’ (BOT) मोड के तहत कुल 7,145.14 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा.
सफर की दूरी होगी
इस प्रोजेक्ट में 16 बड़े पुल, एक रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) और दोनों तरफ 12.002 km की सर्विस रोड शामिल हैं, जिससे यात्रा सुरक्षित और ज्यादा बेहतर होगी. इसके तैयार होने के बाद कानपुर और कबरई की दूरी 3.5 घंटे से घटकर सिर्फ डेढ़ घंटे रह जाएगी. इस परियोजना के लिए चार जिलों यानी महोबा, हमीरपुर और कानपुर नगर और कानपुर देहात के 93 गांवों में करीब 1139 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होगा. इससे लगभग 5 हजार किसान प्रभावित होंगे.
किस जिले के कितने गांव?
इनमें कानपुर नगर और कानपुर देहात के 49 गांवों से 387 हेक्टेयर, हमीरपुर के 35 गांवों से 500 हेक्टेयर तथा महोबा के 9 गांवों से 252 हेक्टेयर भूमि ली जाएगी. कुल मिलाकर 1139 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा. एनएचएआइ के अधिकारियों के अनुसार एक्सेस कंट्रोल हाईवे बनने से स्थानीय और लंबी दूरी के यातायात को अलग-अलग मार्ग मिलेगा. परियोजना में 16 बड़े पुल, एक रेलवे ओवरब्रिज तथा दोनों ओर करीब 12 किलोमीटर सर्विस रोड का निर्माण होगा. इससे अनियंत्रित कट, आमने-सामने की टक्कर और सड़क हादसों में कमी आने की उम्मीद है.
बीते एक जुलाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल से परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद अब अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. थ्री-डी अधिसूचना जारी होने के बाद संबंधित भूमि को राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए अधिग्रहित घोषित किया जाएगा और उसके बाद मुआवजा निर्धारण व वितरण की प्रक्रिया शुरू होगी.
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Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें